फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Court files missing, CBI probe ordered

हाईकोर्ट से 1984 की क्रिमिनल अपील के मूल रिकार्ड गायब, सीबीआई जांच का आदेश

Sat, 17 Sep 2016 03:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sat, 17 Sep 2016 03:48 AM IST
विज्ञापन
Court files missing, CBI probe ordered
इलाहाबाद उच्च न्यायालय - फोटो : PTI

हाईकोर्ट में गंभीर आपराधिक मुकदमे में निचली अदालत से मंगाए गए दस्तावेज और अपील की फाइल गायब होने से हड़कंप है। हाईकोर्ट रजिस्ट्री के प्रयास करने के बाद भी फाइल का कुछ पता नहीं चला। इसे गंभीरता से लेते हुए मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। कोर्ट ने हाईकोर्ट रजिस्ट्री से फाइल गायब होने को काफी गंभीर मामला माना है।

विज्ञापन


गत सप्ताह ही कोर्ट ने इसी प्रकार से शासकीय अधिवक्ता कार्यालय से गायब मुकदमों की फाइलों की जांच सीबीआई को सौंपी है। अब हाईकोर्ट से भी फाइलें गायब होने की जानकारी ने इस मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। अलीगढ़ के बलदेव राजबीर को हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 1984 में उसने निचली अदालत के निर्णय को अपील दाखिल कर चुनौती दी थी।
विज्ञापन


अपील पर सुनवाई प्रारंभ हुई तो पता चला कि निचली अदालत से मंगाए गए मूल दस्तावेज और अपील हाईकोर्ट के रिकार्ड से गायब हैं। याची के अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने 12 जुलाई 2016 को मूल रिकार्ड की नकल हाईकोर्ट से निकलवाई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद फाइल पुन: क्रिमिनल अपील सेक्शन को भेजी गई। इसके बाद से ही फाइल गुम है। न्यायमूर्ति एके त्रिपाठी और न्यायमूर्ति मुख्तार अहमद की पीठ ने महानिबंधक को मामले की जांच का आदेश दिया। महानिबंधक ने रिपोर्ट दी कि हर संभव प्रयास करने के बावजूद फाइल का कुछ पता नहीं चल सका है।

32 साल पहले दाखिल हुई थी अपील

Court files missing, CBI probe ordered
इलाहाबाद हाईकोर्ट

पीठ ने इसे अत्यंत गंभीर मामला मानते हुए कहा कि इस मुकदमे सहित तमाम महत्वपूर्ण मुकदमों की फाइलें गायब होने की शिकायत है। इससे वादकारियों को न्याय देने में बेहद मुश्किल आ रही है। कोर्ट ने सीबीआई को दो माह में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।

अभियुक्त बलदेव के खिलाफ नौ जनवरी 1982 को अलीगढ़ में जवाहर लाल की चाकू और कुल्हाड़ी से हत्या करने का आरोप था। सिविल लाइंस थाने में इसका मुकदमा दर्ज कराया गया। 27 मार्च 1984 को सत्र न्यायालय ने उसे दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। 1984 में ही बलदेव ने सजा के खिलाफ अपील दाखिल कर दी। तब से उसकी अपील लंबित है। सुनवाई शुरू हुई तो पता चला कि फाइल गायब है।

जीए आफिस से भी लापता हैं फाइलें
शासकीय अधिवक्ता कार्यालय(जीए आफिस) से भी सरकार की अपीलों और अन्य मुकदमों से जुड़ी फाइलें बड़ी संख्या में लापता हैं। मुकदमों की सुनवाई के दौरान मामला सामने आने पर वर्ष 2012 में हाईकोर्ट के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में 74 फाइलों के गुम होने का मुकदमा दर्ज कराया गया।

हालांकि वास्तविक संख्या इससे अधिक होने का अनुमान है। गत नौ सितंबर को हाईकोर्ट ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी। कोर्ट ने कहा मामला शासकीय अधिवक्ता कार्यालय का होने के कारण पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed