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कोरोना: अगर म्यूटेंट वैरिएंट की संक्रमण दर कम रही तो नाममात्र की होगी तीसरी लहर, रिपोर्ट में दावा

Sat, 03 Jul 2021 07:46 AM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Sat, 03 Jul 2021 07:46 AM IST
सार

'सूत्र' मॉडल के विश्लेषण में दावा किया गया है कि अगर कोरोना के म्यूटेट हुए वायरस की संक्रमण दर अधिक नहीं रही तो तीसरी लहर नाममात्र की रह सकती है। यानी की दूसरी लहर की अपेक्षा कमजोर रहेगी।

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Coronavirus: Third Covid wave in India to be a ripple if there is no fast spreading mutant: Study
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर ने जबरदस्त कहर बरपाया है। देश में फिलहाल कोरोना की दूसरी लहर अपनी सुस्त रफ्तार के साथ जारी है। इस बीच, तीसरी लहर आने की चेतावनी दी जा रही है। 'सूत्र' मॉडल के विश्लेषण में दावा किया गया है कि अगर कोरोना के म्यूटेट हुए वायरस की संक्रमण दर अधिक नहीं रही तो तीसरी लहर नाममात्र की रह सकती है। यानी की दूसरी लहर की अपेक्षा कमजोर रहेगी। हालांकि, अन्य विशेषज्ञों की राय इसके विपरीत है। यह गणित मॉडल कोरोना वायरस के मामलों की तीव्रता का अनुमान लगाने में मदद करता है।

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आईआईटी कानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. पद्मश्री मणींद्र अग्रवाल ने सूत्र मॉडल के माध्यम से तीसरी लहर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि देश भर में इन दिनों तेजी से लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। इससे तीसरी लहर का प्रभाव कम करने में मदद मिलेगी। अगर वायरस का म्यूटेशन नहीं हुआ या फिर म्यूटेंट की संक्रमण दर कम रही तो कोरोना की तीसरी लहर दूसरी लहर की अपेक्षा कमजोर होगी।  लेकिन अगर वायरस का म्यूटेंट हुआ तो संक्रमण तेजी से फैलेगा, जिससे तीसरी लहर घातक हो सकती है। 
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बता दें कि प्रो. मणींद्र के विपरीत अन्य विशेषज्ञ ने कोरोना की तीसरी लहर पहली और दूसरी लहर से अधिक खतरनाक होने की आशंका जताई है। 

इस आधार पर किया दावा

टीकाकरण के आधार पर सूत्र मॉडल तैयार किया है। प्रो. मणींद्र ने अपने अध्ययन में तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। केंद्र सरकार से टीकाकरण डाटा लिया है। इसके आधार पर यह अनुमान लगाया है कि कई ऐसे लोग होंगे, जो वैक्सीन नहीं लगवाएंगे। दूसरे ऐसे होंगे, जो दोनों डोज लगवाने के बाद भी संक्रमित होंगे और तीसरे ऐसे जिनकी इम्यूनिटी खत्म हो चुकी है। इसके आधार पर यह अनुमान लगाया गया।

कहा- तीसरी लहर आना तय
मणींद्र ने कहा कि तीसरी लहर का आना तो निश्चित है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर अगस्त के आखिर तक आएगी और 15 अक्तूबर तक इसका पीक आएगा। नवंबर के आते आते यह खत्म हो जाएगी। ऐसे में लोग मास्क पहने, वैक्सीन लगवाएं और सामाजिक दूरी का पालन करें। वैक्सीन काफी असरदार है, अगर वैक्सीन न होती तो स्थिति में काफी खराब होती। साथ ही कहा कि अनलॉक में लापरवाही न बरतें।

महामारी दूसरी लहर में लगाया था सटीक अनुमान 
कोरोना की दूसरी लहर का प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने जो अनुमान लगाया था, उसको सरकार ने भी माना था। इनके गणितीय मॉडल सूत्र को देश के कई राज्यों ने भी स्वीकार किया था।

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