कोरोनावायरस: केरल में दूसरा पॉजिटिव मामला, गलत सूचनाएं फैलाने पर दो महिलाएं गिरफ्तार
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भारत में नोवेल कोरोनावायरस का दूसरा सकारात्मक मामला केरल में सामने आया है। मरीज पहले भी चीन की यात्रा कर चुका है और हाल ही में वहां से लौटा है। मरीज को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। अब उसकी हालत स्थिर है और उसकी करीबी से निगरानी की जा रही है। उसकी हालत संतोषजनक है।
वहीं साइबर सेल ने कोरोनावायरस के बारे में गलत सूचना फैलाने के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इससे पहले कल त्रिशूर से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
Thrissur Medical College: #Coronavirus patient at Thrissur Medical College is stable. Her condition is satisfactory. There are currently 20 people in Thrissur who are under observation in different hospitals. From here,30 samples have been sent to Alappuzha virology lab. #Kerala
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 2, 2020
केरल के त्रिशूर में वर्तमान में 20 लोग विभिन्न अस्पतालों में निगरानी में हैं। यहां से 30 नमूनों को अलाप्पुझा वायरोलॉजी लैब भेजा गया है। बता दें कि पहला सकारात्मक मामला भी केरल में ही सामने आया था।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी चीन नहीं जाने की सलाह
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को चीन की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारतीयों को चीन की यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति यात्रा करता है तो चीन से लौटने पर उसे अलग (स्क्रीनिंग के लिए) किया जा सकता है। 15 जनवरी 2020 से अभी तक चीन की यात्रा करने वालों को भी अलग किया जा सकता है।
Union Health Ministry: Indians should refrain from travelling to China. In case of travel, on return from China, they could be quarantined. Anyone with travel history in China since 15th January 2020 and from now on could be quarantined. #CoronaVirus
— ANI (@ANI) February 2, 2020
Second positive case of Novel Coronavirus has been found, in Kerala. The patient has a travel history from China. The patient has been kept in isolation in the hospital; is stable and is being closely monitored. pic.twitter.com/kThna0HiCP
— ANI (@ANI) February 2, 2020
केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने कहा, 'मरीज अस्पताल में भर्ती है और उसका अलपुज्जा मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। हमें अभी तक पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से रिपोर्ट नहीं मिली हैं। ऐसी संभावनाएं हैं कि यह सकारात्मक हो सकता है लेकिन हम रिपोर्ट मिलने के बाद ही इसकी पुष्टि कर पाएंगे।'
इससे पहले 30 जनवरी को पहला मामला केरल के त्रिशूर में सामने आया था। पीड़ित छात्रा पिछले हफ्ते वुहान विश्वविद्यालय से लौटी थी। उसके लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने एक मेडिकल बोर्ड बनाया है जो उसके मामले की समीक्षा कर रहा है। यह जानकारी राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने शुक्रवार को दी। स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने त्रिशूर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी की।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा महिला के कोरोनावायरस की चपेट में होने की पुष्टि के बाद मंत्री त्रिशूर पहुंची। शैलजा ने कहा था, 'छात्रा की हालत अब स्थिर है। इलाज का प्रभाव उसकी सेहत पर दिख रहा है। हमने एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया है और हर शाम को बुलेटिन जारी किया जाएगा।'
323 भारतीयों को लेकर दिल्ली पहुंचा विशेष विमान
चीन के वुहान शहर से भारतीय यात्रियों के दूसरे जत्थे को लेकर एयर इंडिया की विशेष उड़ान आज वुहान (चीन) से तड़के 3.10 बजे रवाना हुई थी जो 9.45 बजे दिल्ली पहुंच गया है। इस फ्लाइट में 323 भारतीयों के अलावा मालदीव के भी सात नागरिक शामिल हैं।
चीन में अबतक 304 लोगों की मौत
चीन में कोरोनावायरस के कारण हुई मौतों की संख्या 304 हो गई है, जबकि चीन की सरकार के हवाले से जानकारी दी गई है कि संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 14 हजार तक पहुंच गई है। यहां रहने वाले दूसरे देश के नागरिक शहर छोड़कर अपने देश लौटना चाह रहे हैं। इसी बीच भारत ने भी अपने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें एयरलिफ्ट करने का फैसला लिया।
महाराष्ट्र में आइसोलेशन वार्ड में रखे गए सभी लोगों की जांच नकारात्मक
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमण के संदेह में अस्पतालों में पृथक वार्ड में रखे गये सभी 15 लोगों की जांच रिपोर्ट नकारात्मक पाई गई है। शनिवार को एक आधिकारिक बयान में यह कहा गया है। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण की अबतक पुष्टि नहीं हुई है। सर्दी-जुकाम,ज्वर और कफ जैसे लक्षण नजर आने के बाद पृथक वार्ड में रखे गये 15 में से पांच मुम्बई के कस्तूरबा अस्पताल में और पांच पुणे के नायडू अस्पताल में निगरानी में रखे गए थे। पांच अन्य नागपुर और नांदेड़ के अस्पतालों में भर्ती कराए गए थे।