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कोविड-19 जांच: 17 राज्यों में 31 प्रयोगशालाएं मानकों पर ही खरी नहीं उतरी

Thu, 16 Apr 2020 06:42 AM IST
संजीव कुमार झा परीक्षित निर्भय, अमर उजाला , नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला , नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 16 Apr 2020 06:42 AM IST
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Coronavirus outbreak, 31 laboratories in 17 states not up to standards for covid19 test
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

राज्यों से सरकारी व निजी प्रयोगशालाओं का ब्योरा मांगे जाने के बावजूद प्रयोगशालाओं की स्थिति को देख भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) इन्हें जांच की अनुमति देने से कतरा रहा है। 19 राज्यों  के 63 प्रयोगशालाओं से प्रस्ताव आए थे, लेकिन 17 राज्यों की 31 प्रयोगशालाओं में एक भी मानक पूरा नहीं मिला। इसलिए यह प्रस्ताव नामंजूर कर दिए गया। राज्यों से कहा गया है कि प्रयोगशालाओं की स्थिति सुधारने पर ही जांच मुमकिन है।

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12 राज्यों से निजी प्रयोगशालाओं की सूची भी मिली है। इनमें शामिल 43 लैब में से तीन को छोड़ बाकी 40 के पास एनएबीएल सर्टिफिकेट तक नहीं है। जबकि नेशनल एक्रििडएशन बोर्ड ऑफ टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज (एनएबीएल) के प्रमाणपत्र वाली लैब में ही कोरोना जांच हो सकती है।
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एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। देश के सभी सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों से भी आवेदन मांगे गए हैं। दिल्ली एम्स सहित 14 संस्थानों को प्रयोगशालाओं की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।

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चार श्रेणी बनाकर हुई समीक्षा

आईसीएमआर के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जिन प्रयोगशालाओं के प्रस्ताव मिले थे, उन्हें चार श्रेणी में रखा। पहली श्रेणी में सातों मानक पूरा न करने वाली, दूसरी में सभी मानक पूरा करने वाली, तीसरी में वीआरडीएल में स्टाफ प्रशिक्षित और चौथी श्रेणी में वह...जहां पहली कोरोना जांच सफल रही। हालांकि एक भी प्रयोगशाला श्रेणी चार में फिट नहीं हुई। जबकि गुजरात, कर्नाटक और ओडिशा की एक-एक लैब ही श्रेणी तीन में सटीक मिली।

दिल्ली की दोनों लैब पहली श्रेणी में

दिल्ली सरकार ने राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और दिलशाद गार्डन स्थित इहबास अस्पताल में कोरोना वायरस की जांच करने के लिए दोनों प्रयोगशालाओं की जानकारी आईसीएमआर के साथ साझा की, लेकिन इन दोनों ही प्रयोगशालाओं में एक भी मानक पूरा नहीं हो रहा था। इसलिए फिलहाल इन्हें कोरोना वायरस की जांच के लिए मंजूरी नहीं मिली है।

ये हैं सात मानक...

  • प्रयोगशाला में रियल टाइम आरटी पीसीआर की मशीन चालू स्थिति में होनी चाहिए।
  • बॉयो सेफ्टी लेवल 2 केबिन प्रयोगशाला में बेहतर स्थिति के साथ होना अनिवार्य।
  • प्रयोगशाला में शीत अपकेंद्रण यंत्र (सेन्ट्रफ्यूज) अनिवार्य।
  • पिपेट, आरएनए किट, प्लास्टिक के बर्तन और अन्य बुनियादी वस्तुएं अनिवार्य।
  • कचरे का निस्तारण करने के लिए ऑटोक्लेव जरूरी।
  • आरटी पीसीआर मशीन का इस्तेमाल करने का कर्मचारियों को अनुभव होना जरूरी।
  • जैविक कचरा प्रबंधन और संक्रामक कचरे का निस्तारण जरूरी।
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