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सामाजिक दूरी बनाकर 62 फीसदी तक रोका जा सकता है कोरोना वायरस का संक्रमण
Wed, 25 Mar 2020 07:25 AM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 25 Mar 2020 07:25 AM IST
सार
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कहा है कि लॉकडाउन (सामाजिक दूरी) के जरिये कोरोना वायरस को 62 फीसदी तक रोका जा सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सहित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन निर्देशों का पालन करने और घर में ही रहने को कहा है। इस बीच, वैश्विक स्तर पर यह समस्या इतनी भयावह हो गई है कि 124 साल के इतिहास में पहली बार ओलंपिक खेल टाल दिए गए हैं।
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सोशल डिस्टेंसिंग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आईसीएमआर ने कहा है कि थर्मल स्क्रीनिंग से कोरोना को कम से कम तीन सप्ताह रोका जा सकता है। समाज से दूरी बनाकर वायरस पर 62 फीसदी नियंत्रण पा सकते हैं। लॉकडाउन भी इसका जरिया है। लोगों को घर में ही रहना चाहिए। ऐसा करने से कुछ हफ्तों में 90 फीसदी तक वायरस पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
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आईसीएमआर के वैज्ञानिक डॉ. रमन गंगखेड़कर ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति दहशत में हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा न ले। यह 15 से कम और 60 वर्ष से ज्यादा आयु वालों के लिए यह घातक हो सकती है। दवा पर अध्ययन चल रहा है। अभी सिर्फ स्वास्थ्य कर्मचारी और उपचार के बाद ठीक संक्रमित व्यक्तियों को यह दवा दे रहे हैं।
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जांच के लिए देश में 118 लैब
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, मंगलवार को 51 नए मरीजों के साथ संक्त्रस्मितों की संख्या 519 हो गई। इनमें से 41 विदेशी हैं जबकि 37 ठीक हो चुके हैं। तमिलनाडु में एक व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों की संख्या 11 पहुंच चुकी है। आईसीएमआर ने बताया, देश में 118 लैब में जांच हो रही है। वहीं, 22 निजी लैब को अनुमति के बाद देश में 15,500 कलेक्शन सेंटर हैं। सरकारी लैब में रोज 1350 सैंपल की जांच हो रही है। जबकि क्षमता 12 हजार सैंपल प्रतिदिन की है। हर व्यक्ति को कोरोना जांच की जरूरत नहीं है।
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कई राज्यों में अस्पताल बनने शुरू
असम, गुजरात, झारखंड, मध्यप्रदेश, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक और गोवा में कोविड-19 के लिए विशेष अस्पताल बन रहे हैं। जल्द ही बाकी राज्यों में भी अस्पताल बनेंगे।
विदेश से आए 14 लाख लोगों की निगरानी
पीएमओ सूत्रों के मुताबिक अभी तक देश में सामुदायिक संक्रमण नगण्य है। अब विदेश से आए 14 लाख अपने नागरिकों को संभालने की है। केंद्र सरकार ने राज्यों को ऐसे लोगों का डाटाबेस तैयार कर इनकी निगरानी को कहा है। ऐसे लोगों को एकांत में रखने की तैयरी की समीक्षा हो रही है।
आयुष्मान भारत योजना में होगा कोरोना का इलाज
केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जल्द कोरोना का इलाज होगा। इस योजना के तहत श्वसन संबंधी रोगों को भी शामिल करने का फैसला हुआ। योजना के सीईओ डॉ इंदु भूषण ने कहा, अब इस योजना के लाभार्थी सरकार द्वारा अधिकृत अस्पताल में कोविड19 की जांच और इलाज मुफ्त करवा सकेंगे। जैसे ही सरकार निजी अतालों को इसके इलाज के लिए अधिकृत करती है वहां भी मुफ्त इलाज हो सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने की राज्यों के साथ की समीक्षा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने मंगलवार को देशभर में महामारी को लेकर वर्तमान स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंह में उन्होंने कहा, सभी सतर्क होंगे तभी इससे जीत पाएंगे। उन्होंने, स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें विपत्ति के समय देश की सेवा करने वाला सच्चा सेनानी बताया। संक्रमित लोगों की जांच में जुटे वैज्ञानिकों के जज्बे को भी उन्होंने सलाम किया।