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कोरोना अलर्ट : दोगुना होने की दर कम नहीं हुई तो बेतहाशा बढ़ेंगे मरीज

Thu, 14 May 2020 05:36 AM IST
संजीव कुमार झा परीक्षित निर्भय, अमर उजाला , नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला , नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 14 May 2020 05:36 AM IST
सार

  • हर 12वें दिन दोगुनी हो रही मरीजों की संख्या, शुरूआत में था 3 दिन
  • अगले कुछ माह में मरीजों की संख्या में बेतहाशा बढोतरी
  • अगस्त तक विश्व में 85 लाख पार कर जाएगी संख्या...

 

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Coronavirus in india, If the rate of doubling is not reduced then the corona patients will increase wildly
कोरोना मरीज को ले जाते स्वास्थ्य कर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

लॉकडाउन के चौथे चरण में छूट मिलने के साथ सामान्य जीवन पटरी पर लौटने की उम्मीद है, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या कुछ और ही इशारा कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मरीजों की संख्या दोगुनी होने की दर कम नहीं हुई तो अगले कुछ माह में मरीजों की संख्या में बेतहाशा बढोतरी हो सकती है।
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वायरस के चलते जब देश में लॉकडाउन लागू हुआ उस वक्त संक्रमित मरीज हर 4.8 दिन में दोगुना हो रहे थे लेकिन फिलहाल इसे 12 दिन तक ले जाने में कामयाबी जरूर मिली है, लेकिन पिछले दो सप्ताह की स्थिति पर गौर करें तो इसी डबलिंग रेट के साथ अगस्त तक मरीजों की संख्या कई गुना हो जाएगी।
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एक से सात मई को जब महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात से हर दिन मरीजों की संख्या बढने लगी तो डबलिंग रेट 10.2 दिन पर आ गया था। चार दिन बाद 11 मई को यह वापस 12 दिन पर आ पहुंचा। मई के इन्हीं शुरूआती दिनों का आकलन करें तो संक्रमण की दर अब करीब 5 फीसदी पहुंच चुकी है।
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कामयाबी मिली लेकिन स्थिरता नहीं : चैन्नई के पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. विनोद त्यागी बताते हैं कि 24 मार्च को जब पीएम नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की घोषणा की थी तब देश में डबलिंग रेट 3 से बढ़कर 4.8 दिन पहुंच चुका था। इसके बाद लॉकडाउन का तीसरा चरण अभी चल रहा है।

बीते 11 मई तक यह डबलिंग रेट 12 दिन पर पहुंचा है। यह एक बड़ी कामयाबी है लेकिन अगर इसमें वृद्धि नहीं हुई तो अगले तीन महीने में ही लाखों कोरोना संक्रमित हो चुके होंगे। उन्होंने एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के उस बयान का भी हवाला दिया जिसमें  उन्होंने कहा था कि जून-जुलाई में कोरोना का उच्चतम स्तर देखने को मिलेगा।
  • अगस्त तक 85 लाख पार कर जाएगी संख्या...
डाटा एक्सपर्ट जेम्स विलसन का कहना है कि वर्तमान स्थिति को आधार मानकर गणितीय आकलन करें तो अगस्त तक दुनिया में 85 लाख कोरोना संक्रमित मरीज मिल सकते हैं। इतना ही नहीं पिछले दो सप्ताह के ग्राफ को आधार मानते हैं तो डबलिंग रेट औसतन 9.7 दिन निकल कर आता है जिसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि यह ग्राफ ऐसे ही चला तो मरीजों  का आंकडा भयावह स्तर पर पहुंच जाएगा।
  • हर दिन औसतन 6 फीसदी बढ़ रहे मरीज, फिर भी संक्रमण की रफ्तार पर काबू जरूरी

दिल्ली के महामारी विशेषज्ञ डॉ. विवेक पांड्या का कहना है कि बीते 1 मई से लेकर अब तक कोरोना का डबलिंग रेट 12 से घटकर 10 और फिर बढ़कर 12 दिन हुआ है। इससे साफ जाहिर होता है कि हम अब भी उस स्थिति में हैं जब लॉकडाउन से पहले थे। संक्रमण की दर 6 फीसदी तक पहुंचने के बाद वापस बुधवार को करीब पांच फीसदी दर्ज की गई है। यह एक ऐसी रफ्तार है जिस पर अगर जल्द रोक नहीं लगी तो मरीजों का ग्राफ ऐसे ही देखने को मिल सकता है।

1 मई से अब तक की स्थिति पर गौर करें तो हर दिन औसतन 6 फीसदी संक्रमित मरीज बढ़ रहे हैं। दुनिया में सबसे सख्त माना जाने वाला भारत के लॉकडाउन ने हर दिन दर्ज होने वाले मामलों की संख्या में गिरावट नहीं की है। जबकि यूके, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में ठीक इसके विपरीत्त स्थिति दिखाई दे रही है। वहां लॉकडाउन के एक महीने के भीतर प्रतिदिन रिपोर्ट किए जाने वाले मामलों की संख्या में कमी आई है।

  • ऐसे समझें दोहरे होने की दर

भारत में शुरुआती 10 हजार मरीज 75 दिन में मिले थे। जबकि अगले आठ दिन में यह आंकड़ा 20 हजार पार कर गया। 23 से 29 अप्रैल के बीच महज सात दिन में 10 हजार और मरीज बढ़ते हुए आंकड़ा 30 हजार पार हुआ लेकिन 30 अप्रैल से 03 मई के बीच महज चार दिन में मरीज 30 से बढ़कर 40 हजार पार हो गए।

4 से 7 मई के बीच यह आंकड़ा 40 से बढ़कर 50 और 8 से 10 मई के बीच यह आंकड़ा 60 हजार पार कर गया। पिछले दो दिन को देखें तो 11 और 12 मई में ही 10 हजार नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं।

  • वायरस से कुछ राज्य सबसे अधिक प्रभावित

कोरोना से सबसे अधिक प. बंगाल, मप्र, गुजरात, ओडिशा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ के साथ राजस्थान व महाराष्ट्र के जिले प्रभावित हैं। वह क्षेत्र भी खतरनाक स्थिति में हैं जहां संक्रमण तेजी से फैल रहा है या जहां लंबे समय तक वायरस की पहचान नहीं हो रही।

जेएनयू के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ रीजनल डेवलपमेंट के रिसर्च फेलो दीपांकर भट्टाचार्य, डॉ. एंजेला चौधरी और इस्माइल हक के किए शोध में पता चला, उत्तरी कनार्टक, पूर्वी महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु के पूर्वी जिले में संक्रमण मध्यम स्थिति में है।

केरल, हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर व उत्तर पूर्व में हालात काबू में हैं। भारतीय लोग उम्र को लेकर इसे ज्यादा खतरनाक मान रहे हैं और ये एक संक्रमण फैलने का ठोस कारण हो सकता है।

संक्रमित सैंपल की स्थिति

 
दिन  सैंपल
5 मई 4.60
6 मई 3.48
7 मई 4.41
8 मई 4.21
9 मई 3.88
10 मई 3.81
11 मई 6.51
12 मई 4.19
13 मई
 
4.74

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