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चिंताजनक: अक्तूबर में तीसरी लहर चरम पर होगी, रोज मिल सकते हैं डेढ़ लाख केस
Tue, 03 Aug 2021 06:15 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 03 Aug 2021 06:15 AM IST
सार
- आईआईटी हैदराबाद और कानपुर के वैज्ञानिकों का दावा
- केरल व महाराष्ट्र में संक्रमण के बढ़ते केस से बिगड़ेगी तस्वीर
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कोरोना टेस्ट
- फोटो : PTI
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विस्तार
देश में कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। इसी को देखते हुए वैज्ञानिकों का अनुमान है कि महामारी की तीसरी लहर अगस्त में दस्तक दे देगी। अक्तूबर में ये चरम पर होगी। संभव है कि देश में हर दिन डेढ़ लाख मरीज मिलें।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, (आईआईटी) हैदराबाद व कानपुर के वैज्ञानिकों ने ये अनुमान मैथेमेटिकल मॉडल के आधार पर लगाया है। आईआईटी हैदराबाद के माथुकुमाली विद्यासागर व आईआईटी कानपुर के मनिंदर अग्रवाल का कहना है कि अगस्त में तीसरी लहर तेज होजाएगी।
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अनुमान है कि बेहतर स्थिति में संक्रमण के रोजाना एक लाख जबकि बदतर हालात में रोजाना डेढ़ लाख मामले सामने आ सकते हैं । केरल व महाराष्ट्र में संक्रमण के बढ़ रहे मामलों से अन्य राज्यों में भी हालात खराब हो सकते हैं।
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राहत, ये लहर घातक नहीं होगी..
वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि कोरोना की तीसरी लहर घातक नहीं होगी। लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से शुरू करना होगा। बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों को लेकर अधिक सावधानी बरतनी होगी। अनावश्यक यात्रा व भीड़भाड़ में जाने से बचना होगा।
दस राज्यों के 46 जिले अहम
केंद्र ने भी हालात से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। महाराष्ट्र केरल समेत दस राज्यों के 46 जिलों में संक्रमण दर 10% से अधिक है। इसी तरह 54 जिलों में पांच से 10% के बीच है। ये 100 जिले तीसरी लहर को तेज करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं जिनपर नजर रखना जरूरी है।
लापरवाही बिलकुल नहीं होनी चाहिए डॉक्टरों का अनुमान है कि तीसरी लहर सबसे अलग होगी क्योंकि वायरस को समझना अभी भी मुश्किल ही है। वायरस कब किसको व कैसे नुकसान पहुंचाए इसका पता लगाना बेहद मुश्किल है। वहीं टीका लगवा चुके संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहना बहुत जरूरी है।