{"_id":"5e90846d8ebc3e775269c0cd","slug":"corona-virus-the-administration-responded-to-the-increasing-dead-bodies-in-the-cemeteries-of-indore","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना वायरस: इंदौर के कब्रिस्तानों में जनाजों की संख्या से उठे सवालों पर मिला प्रशासन से यह जवाब","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोरोना वायरस: इंदौर के कब्रिस्तानों में जनाजों की संख्या से उठे सवालों पर मिला प्रशासन से यह जवाब
Fri, 10 Apr 2020 08:20 PM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Fri, 10 Apr 2020 08:20 PM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देशभर में कोरोना वायरस से अब तक 206 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में कई जगहों पर अफवाहों और अटकलों का बाजार गर्म है। ऐसा ही कुछ हाल मध्य प्रदेश के इंदौर में भी देखने को मिल रहा है। दरअसल कोरोना वायरस का जिन जगहों पर सबसे ज्यादा प्रकोप देखने को मिल रहा है, वहां आस-पास के कुछ कब्रिस्तानों में आम दिनों के मुकाबले जनाजों की संख्या में कथित तौर पर आई बढ़ोतरी सवाल उठा रहे हैं।
इन कब्रिस्तानों में बढ़ते जनाजों को कोरोना वायरस से जोड़ कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस बीच प्रशासन की तरफ से इस मामले पर बयान भी आया है। प्रशासन का कहना है कि कब्रिस्तान में बढ़ते शवों को सीधे कोविड-19 से तुरंत जोड़ दिया जाना सही नहीं होगा।
शहर के कुछ कब्रिस्तानों में जनाजों की बढ़ती संख्या को लेकर जिलाधिकारी मनीष सिंह ने पत्रकारों से कहा, "यह बात सही है कि (शहर के कुछ कब्रिस्तानों में जनाजों की) संख्या कुछ हद तक बढ़ी है। लेकिन इन मौतों के सही कारण का पता मेडिकल जांच के बाद ही लगेगा।"
विज्ञापन
मनीष सिंह ने आगे कहा, "हमारी जनाजों से जुड़े कुछ मृतकों के परिवारवालों, शहर के काजी, मौलवियों और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों से बात हुई है। इन लोगों से बात करने के दौरान पता चला कि मौत से पहले इन लोगों में सर्दी, खांसी और छींक सरीखे वे लक्षण नहीं थे, जो अमूमन कोरोना वायरस के मरीजों में पाये जाते हैं।"
सिंह ने आगे कहा कि खजराना, चंदन नगर और हाथीपाला जैसे इलाकों में कोरोना वायरस का संक्रमण शहर के अन्य क्षेत्रों के मुकाबले काफी पहले फैल गया था। संक्रमण आगे और न फैले इसके लिए इन इलाकों को सील करते हुए वहां आम लोगों की आवाजाही पर पहले ही सख्त रोक लगा दी गयी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इन इलाकों में विशेष अभियान छेड़ रखा है।
विज्ञापन
इन कब्रिस्तानों में बढ़ते जनाजों को कोरोना वायरस से जोड़ कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस बीच प्रशासन की तरफ से इस मामले पर बयान भी आया है। प्रशासन का कहना है कि कब्रिस्तान में बढ़ते शवों को सीधे कोविड-19 से तुरंत जोड़ दिया जाना सही नहीं होगा।
विज्ञापन
शहर के कुछ कब्रिस्तानों में जनाजों की बढ़ती संख्या को लेकर जिलाधिकारी मनीष सिंह ने पत्रकारों से कहा, "यह बात सही है कि (शहर के कुछ कब्रिस्तानों में जनाजों की) संख्या कुछ हद तक बढ़ी है। लेकिन इन मौतों के सही कारण का पता मेडिकल जांच के बाद ही लगेगा।"
विज्ञापन
मनीष सिंह ने आगे कहा, "हमारी जनाजों से जुड़े कुछ मृतकों के परिवारवालों, शहर के काजी, मौलवियों और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों से बात हुई है। इन लोगों से बात करने के दौरान पता चला कि मौत से पहले इन लोगों में सर्दी, खांसी और छींक सरीखे वे लक्षण नहीं थे, जो अमूमन कोरोना वायरस के मरीजों में पाये जाते हैं।"
सिंह ने आगे कहा कि खजराना, चंदन नगर और हाथीपाला जैसे इलाकों में कोरोना वायरस का संक्रमण शहर के अन्य क्षेत्रों के मुकाबले काफी पहले फैल गया था। संक्रमण आगे और न फैले इसके लिए इन इलाकों को सील करते हुए वहां आम लोगों की आवाजाही पर पहले ही सख्त रोक लगा दी गयी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इन इलाकों में विशेष अभियान छेड़ रखा है।