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गुजरात: बिना लक्षण के भी सीटी स्कैन में दिखा संक्रमण, दूसरी लहर ने फेफड़ों पर किया घातक हमला
Fri, 07 May 2021 03:54 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Tanuja Yadav
Updated Fri, 07 May 2021 03:54 PM IST
सार
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के तहत नया स्ट्रेन सीधे मरीज के फेफड़ों पर हमला कर रहा है। इसलिए कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें आरटी-पीसीआर टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आ रही है लेकिन सीटी स्कैन से संक्रमण के होने का पता चलता है।
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कोरोना टीकाकरण
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
देश में कोरोना वायरस संक्रमण से संबंधित अलग-अलग मामले सामने आ रहे हैं। कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां मरीज में बिल्कुल ही लक्षण नहीं, लेकिन जब टेस्ट किया तो कोरोना पॉजिटिव निकले। ऐसा ही एक मामला गुजरात के अहमदाबाद से आया है, जहां 59 साल के प्रकाश चंद्र में कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे।
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हालांकि रिपोर्ट कराने के बाद उनके बेटा कोरोना पॉजिटिव निकला, जिसके बाद उन्होंने टेस्ट कराया तो वो भी पॉजिटिव आए। इसके बाद ब्लड रिपोर्ट के मुताबिक उनका शुगर लेवल बहुत ज्यादा आया, जिसके बाद डॉक्टर ने उन्हें सीटी स्कैन कराने को कहा। सीटी स्कैन की जब रिपोर्ट सामने आई, तो सभी भौचक्के रह गए, क्योंकि रिपोर्ट के मुताबिक प्रकाश के फेफड़ो के 50 फीसदी हिस्से में संक्रमण फैल चुका था।
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रिपोर्ट के आते ही दोनों को अस्पताल में भर्ती कर दिया गया क्योंकि बेटे के फेफड़ों का 60 फीसदी हिस्सा संक्रमित था। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान सीटी स्कैन कराने से कई लोगों की जानें बचाई जा सकती हैं क्योंकि ये नया स्ट्रेन सीधे फेफड़ों पर हमला कर रहा है।
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वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर हेमंत पटेल का कहना है कि मौजूदा स्थिति में फेफड़ों पर तेजी से नए स्ट्रेन का असर पड़ रहा है। पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में युवाओं पर इस बीमारी का ज्यादा प्रभाव पड़ रहा है। अहमदाबाद शहर के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉक्टर मनोज सिंह का कहना है कि फेफड़ों पर ज्यादा असर पड़ने की वजह से इस बार ऑक्सीजन की मांग इतनी बढ़ गई है।
उन्होंने आगे कहा कि पहले दिन से ही ज्यादातर मरीज ऑक्सीजन की मांग कर रहे हैं। वहीं अहमदाबाद मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त सचिव और रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर साहिल शाह का कहना है कि वायरस का नया म्यूटेशन निश्चित तौर पर फेफड़ों में संक्रमण फैला रहा है। उन्होंने कहा कि हम मरीजों को सलाह देते हैं कि अगर आपने कोरोना वायरस के गंभीर लक्षण नहीं है तो आप डायग्नोसिस के लिए पांच-छह दिन का समय ले सकते हैं।