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धारावी सहित छह झुग्गियों के सीवर में मिला कोरोना वायरस, जानिए वजह
Sun, 13 Dec 2020 06:23 AM IST
Jeet Kumar
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 13 Dec 2020 06:23 AM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : ANI
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हैदराबाद के बाद अब मुंबई के सीवर में कोरोना वायरस पाया गया है। दुनिया के सबसे बड़े स्लम धारावी सहित छह झुग्गियों में वैज्ञानिकों ने सीवर कोरोना वायरस का पता लगाया है। धारावी के अलावा वडाला, शिवाजी नगर, कुरला,कंजुर, मलाड़ की झुग्गियों में कोरोना संक्रमितों के मल के जरिए यह विषाणु सीवर तक पहुंचे हैं।
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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी के वैज्ञानिकों ने पोलियो मॉडल के आधार पर मुंबई की छह अलग अलग झुग्गी बस्तियों में सीवर से सेंपल लेकर कोरोना वायरस की मौजूदगी का पता लगाया है।
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वैज्ञानिकों के अनुसार 2001 में पोलियो संक्रमण को लेकर भी इसी तरह की निगरानी की गई थी। कोरोना महामारी से पहले इन छह झुग्गी इलाकों से सैंपल लिए गए थे। इसके बाद लॉकडाउन के दौरान 11 से 22 मई के बीच 20 सैंपल एकत्रित किए गए थे।
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वैज्ञानिकों का कहना है कि सीवर के पानी की तीन लेयर में जांच की जाती है। ऊपरी और निचली लेयर को छोड़ दें तो कोरोना वायरस के विषाणु मध्यम लेयर में ही मिले हैं जो कि पहली बार देखने को मिला है। अब तक दुनिया के किसी देश में इसे लेकर पुष्टि नहीं हो पाई है।
डॉ. दीपा कैलाश शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस के होने के बारे में सबसे पहले दुनिया को नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने बताया था। कुछ ही समय पहले हैदराबदा में सीसीएमबी के वैज्ञानिकों ने भी सीवर में कोरोना वायरस मिलने की पुष्टि की थी।
इसी आधार पर बड़े झुग्गी इलाकों को चुना गया था जहां बड़ी संख्या में कोरोना मरीज मिल चुके हैं। अध्य्यन के मुताबिक संक्रमण के चपेट में आने के बाद लक्षण वाले मरीजों के मल से एक सप्ताह में ही विषाणु सीवर तक पहुंचने लगते हैं। मल के अलावा संक्रमित मरीज के नहाते वक्त इस्तेमाल साबुन, शैंपू, वॉशिग पाउडर आदि के जरिए भी संक्रमण सीवर तक पहुंच सकता है।
जहां नहीं था संक्रमण कुछ दिन बाद वहां भी मिला
कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने के पहले 11 से 18 मार्च के दौरान धारावी व वडाला से लिए गए सेैपल निगेटिव मिले तो वापस फिर सभी छह झुग्गियों से लिए गए सैंपल भी निगेटिव मिले। इसी बीच इन इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज मिलना शुुरू हुए तो कुछ वक्त बाद दो दो सैंपल लिए गए। अंतिम बार में लिए गए सभी 12 सैंपल मे कोरोना संक्रमित पाए गए। कुछ दिन पहले तक जिन जगहों पर कोरोना संक्रमण नहीं था वहां महज डेढ़ महीने में ही सीवर तक कोरोना संक्रमण पहुंच चुका था।