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सफलता: चार महीने की मशक्कत के बाद हिंदी में तैयार हुई टीकाकरण वेबसाइट
Thu, 17 Jun 2021 02:44 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 17 Jun 2021 02:44 AM IST
सार
- रंग लाई मुंबई के हिंदी सेवी प्रवीण जैन की मेहनत
- राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण की वेबसाइट कोविन को हिंदी और मराठी समेत 11 भारतीय भाषाओं में तैयार किया गया है।
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कोविन पोर्टल
- फोटो : cowin portal
विस्तार
संविधान की धारा 343 (1) के अनुसार भारतीय संघ की भाषा हिंदी और लिपि देवनागरी है। लेकिन केंद्रीय संस्थानों में बैठे अंग्रेजीदा अफसर हिंदी को उसका सम्मान देने को तैयार नहीं होते। देशव्यापी टीकाकरण के मामले में भी यही हुआ। टीकाकरण वाली वेबसाइट हिंदी में तैयार हो, इसके लिए मुंबई के हिंदी सेवी प्रवीण जैन को चार महीने अथक प्रयास करना पड़ा। इसके बाद टीकाकरण वाली वेबसाइट हिंदी में तैयार हो सकी।
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प्रवीण जैन कहते हैं कि कोरोना काल में भी भारत सरकार का स्वास्थ्य विभाग सारा काम काज अंग्रेजी में ही कर रहा है और इस वैश्विक महामारी से बचने के सभी उपाय, दिशा-निर्देश, मोबाइल एप, वेबसाइट आदि केवल अंग्रेजी में तैयार किए गए। कंपनी सचिव जैन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालयों को लगातार पत्र लिखे और आरटीआई आवेदन लगाए।
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उन्होंने राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री तक का दरवाजा खटखटाया। फिर भी शिकायतें अनदेखी की जाती रहीं। लेकिन वे हिम्मत नहीं हारे। 10 शिकायतों और 4 महीने की मेहनत के बाद राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण की वेबसाइट कोविन www.cowin.gov.in को हिंदी और मराठी समेत 11 भारतीय भाषाओं में तैयार किया गया है।
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