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कोरोना वैक्सीनेशन: बेस्टर डोज पर पूनावाला का बड़ा बयान, बूस्टर डोज के लिए समयावधि को कम करने की मांग उठाई
Tue, 12 Apr 2022 06:33 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 12 Apr 2022 06:33 PM IST
सार
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि मैं हाल ही में वैक्सीन ग्लोबल अलायंस मीटिंग के लिए जिनेवा में था। दुनिया ने भारत के कोविड प्रबंधन, भारत के टीकाकरण अभियान को देखा। एक दिन में 2.5 करोड़ वैक्सीन की डोज कैसे दी गई, यह हैरान करने वाला है, यह कोई छोटी बात नहीं है।
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सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला
- फोटो : ANI
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विस्तार
देश में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना वैक्सीनेशन की गति धीमी हुई है, क्योंकि हमें यह नियम बताया गया है कि आपको डोज 2 और डोज 3 के बीच 9 महीने तक का अंतर रखना होगा। हमने सरकार से अपील की है कि इसे और 6 महीनों तक कैसे कम किया जाए। हम 6 महीने के अंतराल का प्रस्ताव देंगे।
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एसआईआई ने सरकार से अपील की है कि कोरोना वायरस के नए उभरते स्वरूपों के खिलाफ लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए टीके की दूसरी और बूस्टर खुराक के बीच अंतराल नौ महीने से कम करके छह महीने किया जाए। उन्होंने कहा कि समय-सीमा कम करने से उन लोगों को वास्तव में राहत मिलेगी, जो विदेश यात्रा करना चाहते हैं। पूनावाला ने कहा कि अगर आपने अगस्त में खुराक ली है तो ही आप बूस्टर खुराक के पात्र हैं, इसलिए हमें अंतराल को कम करके छह महीने करना होगा। तब अनेक नागरिक खुराक ले पाएंगे।
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पूनावाला ने कहा कि हमारे पास 20 करोड़ टीके की खुराक का भंडार है। हम पहले ही यूरोपीय देशों और ऑस्ट्रेलिया को चार करोड़ खुराक निर्यात कर चुके हैं। यह पहली बार है कि भारत में बनी कोई वैक्सीन यूरोप में बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने निजी अस्पतालों में टीके की बूस्टर खुराक की कीमत कम कर दी है। हम 225 रुपये चार्ज कर रहे हैं। इसमें अस्पताल वाले 150 रुपये अलग से प्रशासन शुल्क लेते हैं।
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मंडाविया ने कही यह बात
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि मैं हाल ही में वैक्सीन ग्लोबल अलायंस मीटिंग के लिए जिनेवा में था। दुनिया ने भारत के कोविड प्रबंधन, भारत के टीकाकरण अभियान को देखा। एक दिन में 2.5 करोड़ वैक्सीन की डोज कैसे दी गई, यह हैरान करने वाला है, यह कोई छोटी बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि पीएम ने समय पर लॉकडाउन का एलान किया। जन जागरूकता पैदा करने के लिए कदम उठाया। प्राथमिकता स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना था। मैंने सदन के पटल पर कहा था कि जान जोखिम में डालने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को प्रेरित करने के लिए बर्तन और ताली बजाई गई।
उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान हमारे किसी भी डॉक्टर ने अपना काम नहीं छोड़ा। उन्होंने लगातार काम किया, उनमें से कई ने अपनी जान गंवाई लेकिन उन्होंने देश की सेवा करना जारी रखा। इसलिए एक व्यापक प्रयास आवश्यक था और हमने वह किया।
गुजरात विधि विश्वविद्यालय के 64 छात्र संक्रमित
गांधीनगर स्थित गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के नौ और विद्यार्थी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं जिसके बाद पिछले छह दिन में विश्वविद्यालय में संक्रामक रोग से पीड़ित विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है। गांधीनगर नगर निगम के चिकित्सा अधिकारी डॉ. कल्पेश गोस्वामी ने कहा कि संक्रमित हुए सभी लोग विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हैं और चार अप्रैल को ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद पहली बार मिले थे।