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राहत! लॉकडाउन में 30% अधिक तेजी से ठीक हुए कोरोना मरीज, चौथे चरण में 41.61% रिकवरी दर

Wed, 27 May 2020 07:24 AM IST
श्रीधर मिश्रा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Wed, 27 May 2020 07:24 AM IST
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Corona patients recover 30% faster in lockdown, 41.61% recovery rate in fourth stage
फाइल फोटो - फोटो : PTI

कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले मरीजों के ठीक होने की दर लॉकडाउन में 30 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है। कोविड-19 से जंग में सरकार इसे एक बड़ी कामयाबी मान रही है। लॉकडाउन के पहले चरण में जहां रिकवरी दर 11.24 फीसदी थी वहीं, चौथे चरण में 41.61 फीसदी की दर से मरीज ठीक हो रहे हैं।

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स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को बताया कि बीते 25 मार्च को जब पहला लॉकडाउन लागू हुआ तब कोरोना रिकवरी दर करीब 7 फीसदी थी और पहला चरण पूरा होते होते यह 11.24 फीसदी पर पहुंच गई। अब जब देश लॉकडाउन के चौथे चरण में है तो रिकवरी दर 41.61 फीसदी दर्ज की गई है। देश में अब तक 60,490 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि भारत में अभी भी कोरोना की स्थिति दूसरे देशों के मुकाबले काफी नियंत्रण में दिखाई दे रही है।
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प्रति लाख मृत्युदर दुनिया के औसत से कम

डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों का हवाला देते हुए लव अग्रवाल ने बताया कि इस महीने के पहले सप्ताह तक देश में कोरोना से मरने वालों की दर करीब 3.46 फीसदी थी जो कि अब घटकर 2.87 फीसदी दर्ज की गई है। दुनिया में अब तक मौत की औसत दर प्रति लाख आबादी में 4.4 रही जबकि, देश में प्रति लाख आबादी में 0.3 लोगों की मौत हुई।
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समय पर लॉकडाउन से बचीं इतनी जिंदगियां  

एक सवाल पर लव अग्रवाल ने कहा, समय रहते हम इतनी सारी जिंदगियों को इसलिए बचा पाए, क्योंकि भारत ने महामारी को समय पर पहचान कर लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया। इसके बाद कोविड-19 की रोकथाम के लिए देश में उच्च प्रबंधनों की व्यवस्था की गई। हालांकि, दुनिया के 10 प्रभावित देशों में भारत भी शामिल है, लेकिन विश्व स्तर पर तुलना की जाए तो विश्व में एक लाख की आबादी पर 69.9 लोग संक्रमित मिल रहे हैं जबकि, भारत में यह आंकड़ा 10.7 है।


जांच की रफ्तार बढ़ी: डॉ. भार्गव

आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि लॉकडाउन में कोरोना वायरस जांच की रफ्तार बढ़ी है। 17 जनवरी को देश में केवल एक लैब कोविड जांच के लिए शुरू की गई थी, लेकिन अब इनकी संख्या 600 से ज्यादा है। डॉ भार्गव ने कहा, पहले के मुकाबले जांचें बढ़ा दी गई हैं। है। पछले एक महीने से हर दिन एक लाख से ज्यादा लोगों की जांच की जा रही है। जितनी ज्यादा से ज्यादा जांच होगी उतनी जल्द हम बीमारी को काबू कर सकते हैं। उन्होंने कहा, जब तक हमारे पास कोई दवा या वैक्सीन नहीं है तब तक हमें सावधानी बरतनी होगी, तभी हम लोग इससे निजात पा पाएंगे।

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