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बड़ी राहत: तीसरी लहर के पीक के बाद 96 फीसदी घटे कोरोना के मामले, अस्पतालों में भी कोविड वार्ड खाली पड़े

Fri, 25 Feb 2022 05:04 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 25 Feb 2022 05:04 PM IST
सार

राजधानी दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में कोविड मरीजों के इलाज के लिए एक विशेष विभाग बनाया गया है। जहां दो हफ्ते पहले तक 60 कोविड मरीज थे। अब इस वार्ड में केवल 15 ही कोविड मरीज है। फिलहाल अस्पताल में संक्रमित मरीजों के लिए 750 बेड की सुविधा की गई है...

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Corona cases decreased by 96 percent after the peak of the third wave
कोरोना के मामले - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

देश में कोरोना की तीसरी लहर का पीक आने के एक महीने बाद ही नए मामले करीब 96 फीसदी तक घट गए हैं। दूसरी लहर की तुलना में तीसरी लहर में कोरोना के मामलों में भी तेजी से गिरावट देखी जा रही है। राज्यों में भी कोरोना संक्रमण के मामले लगातार कम हो रहे हैं और पाबंदिया भी धीरे-धीरे हटाई जा रही हैं। संक्रमण कम होने का असर अब देश के अस्पतालों में भी नजर आने लगा है। अधिकांश अस्पतालों में कोविड संक्रमित मरीजों के पहुंचने की संख्या लगातार कम होती दिखाई दे रही है।

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24 फरवरी के स्वास्थ्य विभाग आंकड़ों से पता चलता है कि देश में 20 जनवरी को कोरोना की तीसरी लहर का पीक आया था। तब एक दिन में ही संक्रमण के 347254 मामले दर्ज किए गए थे। अब पिछले 24 घंटे में 13,177 केस आए हैं। इस हिसाब से देखें तो पीक आने के 35 दिन में ही नए मामले 96 फीसदी तक घट गए हैं। हालांकि केस की संख्या और मौतों के मामलों में खास कमी नहीं देखी जा रही है। अभी भी रोजाना औसतन 300 के करीब मौतें दर्ज हो रही हैं। वहीं, राज्यों के आंकड़ों पर गौर करें तो केरल में अभी भी कोरोना के 48,152 एक्टिव मामले हैं। वहीं, महाराष्ट्र में 15,595 एक्टिव केस हैं। केरल में अभी भी काफी मौतें हो रही हैं। पिछले 24 घंटे में 188 मौतें हुई हैं। इनमें पुरानी मौतों के आंकड़ों को भी जोड़ा गया है। देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण लगातार जारी है। अब तक 176.47 करोड़ वैक्सीन डोज लगाए गए हैं।

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अस्पतालों में भी कम पहुंच रहे मरीज

कोविड संक्रमण के कम होने का असर देश के अस्पतालों पर भी दिखाई देने लगा है। अस्पतालों में कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार कमी देखी जा रही है। मरीजों के उपचार के लिए बनाए गए कोविड वार्ड फिलहाल खाली नजर आ रहे हैं। इधर, दिल्ली सरकार से जुड़े सूत्रों कहना है कि दिल्ली सरकार जल्द ही सभी अस्पतालों को सभी कोविड बेड को सामान्य बेड में तब्दील करने का फैसला ले सकती है। हालांकि ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि मौजूदा संक्रमण का क्या रुख रहता है और कोई नई लहर आने की आशंका है भी या नहीं।

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राजधानी दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में कोविड मरीजों के इलाज के लिए एक विशेष विभाग बनाया गया है। जहां दो हफ्ते पहले तक 60 कोविड मरीज थे। अब इस वार्ड में केवल 15 ही कोविड मरीज है। फिलहाल अस्पताल में संक्रमित मरीजों के लिए 750 बेड की सुविधा की गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में आने वाले आमतौर पर गंभीर मरीज ही होते हैं। लेकिन फिलहाल मामलों में कमी देखी जा रही है। हमारे पास आईसीयू में केवल सात से आठ ही मरीज हैं। जहां तक कोविड बेड की संख्या को कम करना का प्रश्न है तो यह फैसला सरकार को करना है।

देश के सबसे बड़े अस्पताल नेटवर्क में से एक फोर्टिस हेल्थकेयर के लगभग सात फीसदी बेड पर ही कोविड मरीज हैं। फोर्टिस नेटवर्क के 4,000 से अधिक बेड में से केवल 300 बेड पर कोविड मरीज हैं। फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि तीसरी लहर के दौरान अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या कम थी और अस्पताल के नेटवर्क में भी कोविड मरीजों की तादाद इतनी ज्यादा नहीं है। फिलहाल अस्पताल में कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी देखी जा रही है। मुंबई स्थित 400 बेड वाले पीडी हिंदुजा अस्पताल के प्रबंधन के मुताबिक, फिलहाल उनके 91 बेड वाले कोविड वार्ड में केवल पांच मरीज हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के अस्पतालों को अपने कोविड वार्ड में बेड की संख्या कम करने की अनुमति नहीं दी है। सरकार ने तीसरी लहर की आशंका के चलते पिछले साल अगस्त से ही तैयारी शुरू कर दी थी। अगस्त से ही मुंबई के अस्पतालों को कोविड-19 वार्ड बेड की संख्या को पहले के स्तर पर बनाए रखने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, अब निजी अस्पताल इंतजार कर रहे हैं कि सरकार कोविड मरीजों के लिए तय किए गए बेड की संख्या कम करने या समाप्त करने पर फैसला कब लेगी।

क्या अब नहीं आएगी अगली लहर

देश में कोरोना के मामलों में कमी आ रही है। इस बार आई कोरोना की लहर भी पिछली दोनों लहरों की तुलना में हल्की रही। देश के हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना को लेकर अभी कुछ भी साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि, फिलहाल किसी नई लहर की आशंका कम है, लेकिन ऐसा नहीं कहा जा सकता कि अब कभी कोरोना की कोई लहर नहीं आएगी। क्योंकि यह वायरस लगातार खुद में बदलाव करता रहता है। ऐसे में दुनिया के किसी भी इलाके में वायरस म्यूटेट होकर नए वैरिएंट को जन्म दे सकता है। इसलिए अभी कुछ महीने कोरोना के पैटर्न पर नजर रखनी होगी। उसके बाद ही कहा जा सकेगा कि महामारी एंडेमिक बनेगी या नहीं।

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