कोलकाता: दुर्गा पूजा में फर्जी डॉक्टर की मूर्ति पर विवाद, IMA ने जताई नाराजगी
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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक प्रमुख पूजा आयोजन समिति ने महिषासुर के पास डॉक्टर का एक मॉडल खड़ा कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। मोहम्मद अली पार्क में होने वाली पूजा के आयोजकों की दलील है कि इसका मकसद फर्जी डॉक्टरों के प्रति आम लोगों को आगाह करना है।
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वहीं, डॉक्टरों की संस्था इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने इसका विरोध करते हुए इस पवित्र पेशे को बदनाम नहीं करने की अपील की है। आईएमए का कहना है कि मिट्टी से बने उस मॉडल पर कहीं भी नकली डॉक्टर नहीं लिखा है।
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अब डॉक्टरों के विरोध के बाद आयोजकों ने मूर्ति पर एक बोर्ड लगा दिया है कि यह प्रतिमा सिर्फ फर्जी डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करती है। ध्यान रहे कि हाल में फर्जी डॉक्टरों की धरपकड़ का मामला सुर्खियों में रहा है। खुफिया विभाग ने ऐसे कई डॉक्टरों को पकड़ा है, जिनके पास कोई डिग्री नहीं होने के बावजूद बड़े-बड़े अस्पतालों और नर्सिंग होम में काम कर मोटी फीस वसूल रहे थे।
बाबुल सुप्रीयो का पूजा समारोह का उद्घाटन रद
राज्य के हुगली जिले में केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रीयो की तरफ से किया जाने वाला एक दुर्गा पूजा का उद्घाटन समारोह कथित रूप से ‘राजनीतिक दबाव के तहत’ रद कर दिया गया।
श्रीरामपुर के नेहरू नगर में भारी उद्योग व लोक उपक्रम मंत्री को दुर्गा पूजा समिति ने रविवार को पूजा का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया था। केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए अपनी सहमति भी दे दी थी। क्लब की तरफ से बताया गया कि उन्होंने निर्णय लिया है कि भाजपा नेता पूजा का उद्घाटन नहीं करेंगे।
पूजा समिति के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘हमें पहले इस बात का अनुमान नहीं था कि अधिक राजनीतिक दबाव के कारण बाबुल सुप्रियो से उद्घाटन की हमारी योजना प्रभावित होगी।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए हमने बाबुल से उद्घाटन का कार्यक्रम रद कर दिया।’