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संविधान दिवस: पांच करोड़ बच्चों ने किया संविधान की प्रस्तावना का पाठ, लोगों को याद दिलाया अपने कर्तव्य और अधिकार
Fri, 26 Nov 2021 05:58 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 26 Nov 2021 05:58 PM IST
सार
कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन के नेतृत्व में किए गए इस प्रस्तावना पाठ के जरिए बच्चों में भी उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी गई। बच्चों को 14 वर्ष तक की आयु तक निशुल्क शिक्षा हासिल करने और खेलने का अधिकार है। इससे कम आयु में उन्हें रोजगार में नहीं लगाया जा सकता...
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संविधान दिवस मनाते हुए बच्चे।
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
संविधान दिवस 26 नवंबर के दिन देश के पांच करोड़ से अधिक बच्चों ने संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया। इस पाठ में दिल्ली सहित देश के 20 राज्यों के 478 जिलों से बच्चों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने संविधान की प्रस्तावना के पाठ के साथ ही लोगों को संविधान में दिए गए उनके कर्तव्यों और अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी। इन बच्चों में भारी संख्या में उस वर्ग के बच्चे भी शामिल थे, जो बेहद गरीबी की हालत में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं या जिन्हें पूर्व में कभी बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया था। इस अवसर पर बच्चों ने अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को पूरा करने की शपथ भी ली।
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कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन के नेतृत्व में किए गए इस प्रस्तावना पाठ के जरिए बच्चों में भी उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी गई। बच्चों को 14 वर्ष तक की आयु तक निशुल्क शिक्षा हासिल करने और खेलने का अधिकार है। इससे कम आयु में उन्हें रोजगार में नहीं लगाया जा सकता। बच्चों को किसी खतरनाक श्रेणी के कार्यों में नहीं लगाया जा सकता।
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चाणक्यापुरी इलाके में इसी तरह के एक कार्यक्रम के दौरान एक बच्ची अस्मा ने कहा कि वे कभी मजदूरी करते थे और उन्हें अपने बारे में किसी अधिकार होने की कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन अब वे मुक्त हैं और शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। बच्चों ने कहा कि उन्हें यह अवसर केवल इस संविधान के कारण ही मिला हुआ है और यही कारण है कि अपने पूरे जीवन में संविधान के कर्तव्यों का पालन करेंगी।
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