हरियाणा निकाय चुनाव में ‘हाथ’ चिह्न पर उम्मीदवार नहीं उतारेगी कांग्रेस
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कांग्रेस ने हरियाणा के स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी के चुनाव चिह्न पर उम्मीदवार उतारने से इनकार कर दिया है। पार्टी नेताओं ने इसके पीछे बागियों व पार्टी मत में बंटवारे का हवाला दिया है। बृहस्पतिवार को राज्य के कार्यकारी प्रभारी पीसी चाको के नेतृत्व में इस विषय पर निर्णय लेने के लिए बैठक हुई थी।
प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर चाहते थे कि पार्टी इस बार पुरानी परिपाटी को तोड़ते हुए अपने चुनाव चिह्न पर उम्मीदवार उतारे। जबकि राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता चुनाव चिह्न पर उम्मीदवार उतारकर नई परंपरा शुरू नहीं करने के पक्ष में थे। अंत में चुनाव चिह्न पर उम्मीदवार नहीं उतारे जाने का फैसला लिया गया।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष की राय के खिलाफ पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा आदि अन्य वरिष्ठ नेताओं का कहना था कि जब राज्य में 50 साल से ऐसा नहीं किया गया है तो नई परंपरा शुरू करना बिल्कुल उचित नहीं है। उनका तर्क था कि छह नगर निगमों के मेयर के साथ दो नगर परिषद के चुनाव हैं जिसमें शहरी मतदाताओं की अहम भूमिका है।
उनका कहना था कि पार्टी की शहरी इलाकों में मजबूत पकड़ है। ऐसे में एक उम्मीदवार को चुनाव चिह्न देने से बड़ी संख्या में बागियों की नाराजगी झेलनी होगी और पार्टी का मत बंट जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर का तर्क था कि पार्टी को चुनाव चिह्न के साथ अपने उम्मीदवार उतारने चाहिए। शहरी इलाकों में पार्टी मजबूत है और वर्तमान खट्टर सरकार से नाराज है इसका फायदा मिलेगा और विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनेगा।