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अब कांग्रेस में इस्तीफे नामंजूर होने का दौर शुरू, शुरुआत मिलिंद देवड़ा से
Sat, 27 Jul 2019 09:55 PM IST
अमर शर्मा
अनूप वाजपेयी, नई दिल्ली
अनूप वाजपेयी, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 27 Jul 2019 09:55 PM IST
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मिलिंद देवड़ा
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राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद समर्थन में दिए इस्तीफे नामंजूर होना शुरू हो गए। इसकी शुरूआत मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा से हुई है। मिलिंद के बाद कुछ और नेता भी हैं जिनके इस्तीफे नामंजूर होने हैं। हालांकि इस्तीफा देने वाले सभी नेता अभी भी लगातार बैठकें ओर कार्यक्रमों में सक्रिय हैं। दीपक बावरिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया, विवेक तन्खा, नाना पटोले, राजेश लिलौठिया इस्तीफा देने के बाद भी कामकाज कर रहे हैं।
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी महासचिव मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि मिलिंद देवड़ा का इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। वे मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे। मिलिंद पहले नेता हैं जिनके इस्तीफे को लेकर उनके प्रभारी खड़गे ने स्पष्ट किया उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। दो दिन पूर्व कांग्रेस ने एकनाथ गायकवाड को मुंबई कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किया है। मिलिंद के इस्तीफा देने के बाद इस बात की अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं वे कांग्रेस के नए अध्यक्ष की दौड़ में शामिल हो गए हैं। मिलिंद के इस्तीफे और नए पद को लेकर मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरूपम ने भी मिलिंद पर तंज कसा था।
राहुल के समर्थन में जिन बड़े नेताओं ने इस्तीफा दिया उनमें लगभग सभी कामकाज में सक्रिय हैं। पश्चिम यूपी के प्रभारी महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफा देने के बाद ये खबरें आईं कि उनका क्षेत्र भी पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांथी को सौंप दिया गया है। हालांकि उसके बाद से सिंधिया अपने अधीन सचिवों के साथ लगातार यूपी से जुड़ी बैंठक कर रहे हैं।
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अखिल भारतीय स्तर पर सबसे पहले इस्तीफा देने वाले लीगल, हृयूमन राइट और आरटीआई डिपार्टमेंट के चेयरमैन विवेक तन्खा, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले शामिल थे। जबकि राज्यों के प्रभारियों में पहला इस्तीफा मध्य प्रदेश के प्रभारी दीपक बावरिया का आया था। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलौठिया भी उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने इस्तीफों को लेकर अभियान चलाया था। पूर्व सचिव प्रकाश जोशी ने तो कांग्रेस मुख्यालय में राहुल के इस्तीफा वापसी के लिए धरना शुरू करा समर्थन में इस्तीफे दिलवाने शुरू किए लेकिन पार्टी ने तत्काल उसे समाप्त करा दिया।
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महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी महासचिव मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि मिलिंद देवड़ा का इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। वे मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे। मिलिंद पहले नेता हैं जिनके इस्तीफे को लेकर उनके प्रभारी खड़गे ने स्पष्ट किया उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। दो दिन पूर्व कांग्रेस ने एकनाथ गायकवाड को मुंबई कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किया है। मिलिंद के इस्तीफा देने के बाद इस बात की अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं वे कांग्रेस के नए अध्यक्ष की दौड़ में शामिल हो गए हैं। मिलिंद के इस्तीफे और नए पद को लेकर मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरूपम ने भी मिलिंद पर तंज कसा था।
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राहुल के समर्थन में जिन बड़े नेताओं ने इस्तीफा दिया उनमें लगभग सभी कामकाज में सक्रिय हैं। पश्चिम यूपी के प्रभारी महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफा देने के बाद ये खबरें आईं कि उनका क्षेत्र भी पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांथी को सौंप दिया गया है। हालांकि उसके बाद से सिंधिया अपने अधीन सचिवों के साथ लगातार यूपी से जुड़ी बैंठक कर रहे हैं।
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अखिल भारतीय स्तर पर सबसे पहले इस्तीफा देने वाले लीगल, हृयूमन राइट और आरटीआई डिपार्टमेंट के चेयरमैन विवेक तन्खा, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले शामिल थे। जबकि राज्यों के प्रभारियों में पहला इस्तीफा मध्य प्रदेश के प्रभारी दीपक बावरिया का आया था। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलौठिया भी उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने इस्तीफों को लेकर अभियान चलाया था। पूर्व सचिव प्रकाश जोशी ने तो कांग्रेस मुख्यालय में राहुल के इस्तीफा वापसी के लिए धरना शुरू करा समर्थन में इस्तीफे दिलवाने शुरू किए लेकिन पार्टी ने तत्काल उसे समाप्त करा दिया।