महाराष्ट्र: शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस सरकार बनाने के करीब! सीएमपी ड्राफ्ट तैयार
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महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी ने कोशिशें और तेज कर दी हैं। साझा न्यूनतम कार्यक्रम पर चर्चा के लिए तीनों दलों ने आज एक संयुक्त बैठक की। इस बैठक में तीनों पार्टियों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण, एनसीपी नेता छगन भुजबल, नवाब मलिक और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे व अन्य नेता बैठक में मौजूद रहे।
Mumbai: Congress, Shiv Sena and NCP held a joint meeting to discuss issues between them for Common Minimum Programme, today. #Maharashtra pic.twitter.com/Fd6QYu6x8i
— ANI (@ANI) November 14, 2019विज्ञापन
सूत्रों की मानें तो जल्द ही तीनों दल सरकार बनाने के फार्मूले को तय करेंगे। संभव है कि 17 नवंबर को सरकार बनाने की घोषणा की जाए। क्योंकि यह दिन बाला साहेब ठाकरे की पुण्यतिथि है।
बीते दो-तीन दिनों में वरिष्ठ नेताओं की मुलाकातों के बाद तीनों पार्टियों की समन्वय समिति की पहली बैठक बृहस्पतिवार शाम को हुई। बैठक में मुख्य मुद्दा था कि किस तरह मिलकर सरकार बनाएंगे और सत्ता का आपसी बंटवारा कैसे होगा। समन्वय समिति सरकार बनाने और चलाने की रूपरेखा बनाएगी और उसका फाइनल ड्राफ्ट तीनों दलों के आलाकमान को भेजा जाएगा। वही अंतिम फैसला करेंगे।
सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार की बैठक में कोई निर्णायक फैसला नहीं हुआ लेकिन अगली बैठकों के मुद्दे तय कर लिए गए। बांद्रा के एमईटी में हुई बैठक में शिवसेना की तरफ से एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई मौजूद थे। जबकि कांग्रेस की ओर से पृथ्वीराज चव्हाण, सुशील कुमार शिंदे, बालासाहेब थोराट, माणिकराव ठाकरे, विजय वडेट्टीवार मौजूद थे। एनसीपी की तरफ से भी जयंत पाटिल, छगन भुजबल और नवाब मलिक मौजूद थे।
बैठक के बाद शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने कहा कि कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी की आज बैठक हुई। इसमें न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा हुई। ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। ये ड्राफ्ट तीनों पार्टियों के हाईकमान को भेजा जाएगा। हाईकमान ही अंतिम फैसला लेगा।
Shiv Sena leader Eknath Shinde after Congress,Shiv Sena&NCP joint meeting today: Common Minimum Programme was discussed in the meeting,a draft has been prepared. The draft will be sent to high command of three parties for discussion, final decision will be taken by high commands. https://t.co/6eeotDpAwb pic.twitter.com/NXbU0Fpxp1
— ANI (@ANI) November 14, 2019
शिवसेना विधायकों को आदेश
सूत्रों के अनुसार सरकार बनने की उम्मीद के साथ शिवसेना ने अपने भी 56 विधायकों से मुंबई में एक जगह एकत्रित होने को कहा है। मुंबई से बाहर के विधायकों को 17 नवंबर से पहले यहां पहुंचने को कह दिया गया है। सभी को सरकार बनने तक एक जगह पर रखा जाएगा। शिवसेना ने पिछले दिनों राज्यपाल से सरकार बनाने का निमंत्रण मिलने से पहले बांद्रा और फिर मलाडा के एक होटल में रखा था।बुधवार को भी हुई थी बैठक
बुधवार को कांग्रेस-एनसीपी के नेताओं ने बैठक की थी जिसमें सीएमपी पर ही चर्चा हुई थी। इस बैठक में कांग्रेस और एनसीपी के बड़े नेता शामिल थे। एनसीपी नेता अजित पवार भी इस बैठक का हिस्सा थे।मुंबई में कांग्रेस-एनसीपी की बैठक में एनसीपी नेता जयंत पाटिल, अजित पवार, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे, नवाब मलिक जबकि कांग्रेस की ओर से बालासाहेब थोराट, पृथ्वीराज चव्हाण, सुशील कुमार शिंदे, अशोक चव्हाण, माणिकराव ठाकरे शामिल हुए थे।
सरकार गठन पर गतिरोध
महाराष्ट्र में पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव के बाद से सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच मंगलवार शाम राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया। इसके बाद राज्य विधानसभा निलंबित अवस्था में रहेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की रिपोर्ट पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी।राष्ट्रपति शासन से भाजपा को नुकसान : शाह
महाराष्ट्र के सियासी हालात पर चुप्पी तोड़ते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने शिवसेना पर हमला करते हुए कहा था कि प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगने से भाजपा का नुकसान हुआ। भाजपा नहीं चाहती कि मध्यावधि चुनाव हों। हम तो शिवसेना के साथ सरकार बनाने को तैयार थे, जनता के साथ विश्वासघात हमने नहीं किया।अमित शाह ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के मुद्दे पर शिवसेना के रवैये पर भी सवाल उठाए। शाह ने कहा कि इससे पहले किसी भी राज्य में सरकार बनाने के लिए 18 दिन का समय नहीं दिया गया था। राज्यपाल ने विधानसभा का समय खत्म होने के बाद ही राजनीतिक दलों को बुलाया। न शिवसेना, न कांग्रेस और न ही एसीपी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया। अगर आज की तारीख में किसी के पास नंबर हैं तो वह राज्यपाल के पास जा सकता है।