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Hardik Patel Resign: इस्तीफे के बाद कांग्रेस का आरोप, कहा- 6 सालों से भाजपा के संपर्क में थे हार्दिक
Wed, 18 May 2022 08:05 PM IST
विजय पुंडीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 18 May 2022 08:05 PM IST
सार
बुधवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के बाद गुजरात पाटीदार नेता हार्दिक पटेल पर कांग्रेस नेता जमकर बरसे। पिछले 6 सालों से भाजपा के संपर्क में रहने का आरोप लगाया। हार्दिक को बेईमान और अवसरवादी करार दिया।
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हार्दिक पटेल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
गुजरात पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने बुधवार को कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। जिसके बाद कांग्रेस का हार्दिक पर हमला शुरू हो गया। कांग्रेस ने हार्दिक पर आरोप लगाया कि पिछले 6 सालों से वह भाजपा के संपर्क में थे। गुजरात के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल ने आरोप लगाया है कि हार्दिक के इस्तीफे में शब्द भाजपा के हैं।
हार्दिक पटेल के कांग्रेस छोड़ने के बाद गुजरात में पार्टी के नेताओं ने बुधवार को उन पर हमला किया, उन्हें बेईमान और अवसरवादी करार दिया। उन पर पिछले छह वर्षों से सत्तारूढ़ भाजपा के संपर्क में रहने का भी आरोप लगाया।
गुजरात के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल ने पटेल पर व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने पाटीदार समुदाय को धोखा देने का आरोप लगाया। जबकि राज्य कांग्रेस प्रभारी रघु शर्मा ने कहा कि हार्दिक अन्य पार्टियों से मिले हुए थे, उनमें अनुशासन की कमी थी।
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पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि हार्दिक बेईमानी और धोखाधड़ी की राजनीति में लिप्त थे। कांग्रेस ने उन्हें पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान एक स्टार प्रचारक बनाया था। वह अपने भाषणों में भाजपा की आलोचना करते थे। अचानक क्या बदल गया है? वह भाजपा के संपर्क में थे।
शर्मा ने हार्दिक पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें गुजरात कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन वे पूरी राज्य पार्टी इकाई पर पूर्ण नियंत्रण चाहते थे। हार्दिक इसलिए भी नाराज थे क्योंकि ऐसी खबरें थीं कि पाटीदार नेता नरेश पटेल कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। हार्दिक ने सोचा कि नरेश पटेल उनकी जगह लेंगे। मैंने देखा है कि हार्दिक में किसी भी राजनीतिक व्यवस्था में रहने के लिए अनुशासन का अभाव है। अगर आपका अपना निजी एजेंडा है, तो आप किसी भी व्यवस्था में टिके नहीं रह सकते।
उन्होने आगे बताया कि कुछ समय से हार्दिक पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। वह चाहते थे कि हम नरेश पटेल को पार्टी में न लें और केवल उनकी बात सुनें। वह राजनीतिक जमीन हासिल करने के लिए राहुल गांधी के करीब रहने की कोशिश करते थे। अब वह नेतृत्व की आलोचना कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि वह एक अवसरवादी हैं।
दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए गोहिल ने कहा कि जब एक निचली अदालत ने हार्दिक के खिलाफ दंगा मामले को वापस लेने के लिए गुजरात सरकार की याचिका को खारिज कर दिया तो राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इससे साबित होता है कि हार्दिक उनके खिलाफ मामले वापस लेने के लिए भाजपा के संपर्क में थे।
गोहिल ने दावा किया कि हार्दिक जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने भाजपा के साथ पिछले दरवाजे से सौदा किया है। हार्दिक ने कांग्रेस के साथ पाटीदार समुदाय को भी धोखा दिया है।
बता दें कि तीन साल पहले कांग्रेस में शामिल हुए पटेल ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर गुजरात और गुजरातियों से नफरत करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
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हार्दिक पटेल के कांग्रेस छोड़ने के बाद गुजरात में पार्टी के नेताओं ने बुधवार को उन पर हमला किया, उन्हें बेईमान और अवसरवादी करार दिया। उन पर पिछले छह वर्षों से सत्तारूढ़ भाजपा के संपर्क में रहने का भी आरोप लगाया।
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गुजरात के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल ने पटेल पर व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने पाटीदार समुदाय को धोखा देने का आरोप लगाया। जबकि राज्य कांग्रेस प्रभारी रघु शर्मा ने कहा कि हार्दिक अन्य पार्टियों से मिले हुए थे, उनमें अनुशासन की कमी थी।
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पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि हार्दिक बेईमानी और धोखाधड़ी की राजनीति में लिप्त थे। कांग्रेस ने उन्हें पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान एक स्टार प्रचारक बनाया था। वह अपने भाषणों में भाजपा की आलोचना करते थे। अचानक क्या बदल गया है? वह भाजपा के संपर्क में थे।
शर्मा ने हार्दिक पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें गुजरात कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन वे पूरी राज्य पार्टी इकाई पर पूर्ण नियंत्रण चाहते थे। हार्दिक इसलिए भी नाराज थे क्योंकि ऐसी खबरें थीं कि पाटीदार नेता नरेश पटेल कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। हार्दिक ने सोचा कि नरेश पटेल उनकी जगह लेंगे। मैंने देखा है कि हार्दिक में किसी भी राजनीतिक व्यवस्था में रहने के लिए अनुशासन का अभाव है। अगर आपका अपना निजी एजेंडा है, तो आप किसी भी व्यवस्था में टिके नहीं रह सकते।
उन्होने आगे बताया कि कुछ समय से हार्दिक पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। वह चाहते थे कि हम नरेश पटेल को पार्टी में न लें और केवल उनकी बात सुनें। वह राजनीतिक जमीन हासिल करने के लिए राहुल गांधी के करीब रहने की कोशिश करते थे। अब वह नेतृत्व की आलोचना कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि वह एक अवसरवादी हैं।
दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए गोहिल ने कहा कि जब एक निचली अदालत ने हार्दिक के खिलाफ दंगा मामले को वापस लेने के लिए गुजरात सरकार की याचिका को खारिज कर दिया तो राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इससे साबित होता है कि हार्दिक उनके खिलाफ मामले वापस लेने के लिए भाजपा के संपर्क में थे।
गोहिल ने दावा किया कि हार्दिक जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने भाजपा के साथ पिछले दरवाजे से सौदा किया है। हार्दिक ने कांग्रेस के साथ पाटीदार समुदाय को भी धोखा दिया है।
बता दें कि तीन साल पहले कांग्रेस में शामिल हुए पटेल ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर गुजरात और गुजरातियों से नफरत करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया।