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कांग्रेस ने राउत के बयान से किया किनारा?: अल्बानिया घटना से भारत की तुलना को नकारा, कहा- आंदोलन गांधी के रास्त
Tue, 20 Oct 2026 04:21 PM IST
राहुल कुमार
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 20 Oct 2026 04:21 PM IST
सार
अल्बानिया के सुप्रीम कोर्ट को जलाए जाने पर संजय राउत की टिप्पणी से सियासी बहस छिड़ गई है। कांग्रेस नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हुए जंतर-मंतर जैसे विरोध-प्रदर्शन स्थलों को खुला रखने और भारत में गांधीवादी रास्ते पर आंदोलन करने की बात कही।
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कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत द्वारा एक्स पर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। संजय राउत ने अल्बानिया के सुप्रीम कोर्ट को जलाए जाने का जिक्र करते हुए सुझाव दिया कि भारत को ऐसी घटनाओं से सबक लेना चाहिए।
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कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "पूरी दुनिया में जहां-जहां भी अन्याय होगा, अत्याचार होगा, अनाचार होगा, कदाचार होगा, वहां की जनता अपने-अपने एस्टैब्लिशमेंट के खिलाफ खड़ी होती है। हिंदुस्तान में अलग तरीके की बात है, हमारा प्रजातंत्र अलग तरीके का है, लेकिन जनता में रोष है, रोष को व्यक्त करने का तरीका अलग तरीके का है। हम सरकार को चेतावनी देना चाहते हैं कि जंतर-मंतर जैसी जगह बंद मत कीजिए, ताकि लोग अपना रोष व्यक्त कर सकें। प्रतिरोध के स्वर को सुनिए, प्रतिरोध की जगहों को खत्म मत कीजिए। दुनिया में जो हो रहा है, उसको आंख खोलकर देखिए, क्योंकि पूरी दुनिया में जो भी चीजें होती हैं, वह सारी की सारी चीजें कहीं न कहीं एक दूसरे से रिलेटेड होती हैं।"
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कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, "अल्बानिया की व्यवस्था अलग है और यहां की व्यवस्था अलग है। वहां महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर नहीं थे। वहां जो कुछ हो रहा है, उसका हमारे देश में समर्थन करने की कोई जरूरत नहीं है। यहां कोई भी आंदोलन केवल उसी रास्ते पर आगे बढ़ेगा, जो महात्मा गांधी ने दिखाया है। संजय राउत भी उस तरह के किसी आंदोलन की बात नहीं कर रहे हैं। वे बस इतना कह रहे हैं कि हालात इस हद तक नहीं पहुंचने चाहिए कि कुछ भी हो जाए। लेकिन जो लोग जानबूझकर यह नैरेटिव फैला रहे हैं कि भारत में भी बांग्लादेश या नेपाल जैसे हालात पैदा हो जाएंगे तो ऐसा यहां कुछ भी नहीं होने वाला है।"
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वहीं, संजय राउत ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, 'यह सरकार रहेगी तो अराजकता फैलेगी ही। यही मैंने कहा था और सुप्रीम कोर्ट को ध्यान देना चाहिए। जब हम कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट पर हमारा विश्वास है और सुप्रीम कोर्ट ही देश को बचा सकता है, जिस प्रकार से इस देश में केंद्र सरकार तिरंगा लहराने पर भी विरोध कर रही है, उसका मतलब क्या है? यह राष्ट्रवादी, राष्ट्रभक्तों की सरकार नहीं है। अगर हम हमारे देश में तिरंगा नहीं लहरा सकते तो क्या कर सकते हैं? किसका झंडा हम लहराएंगे? सुप्रीम कोर्ट को इस पर ध्यान देना चाहिए।'