सोनिया गांधी ने लिखा पीएम मोदी को पत्र, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर जताई चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईंधन के बढ़ते दामों को लेकर पत्र लिखा है। गांधी ने कहा कि यह कीमतें 'ऐतिहासिक एवं अव्यावहारिक’’ हैं। पत्र में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने लिखा, "मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि ईंधन के दामों में हुई बढ़ोतरी को वापस लें और हमारे मध्यम और वेतनभोगी वर्ग, हमारे किसानों और गरीबों और हमारे साथी नागरिकों को लाभ प्रदान करें।"
Congress Chief Sonia Gandhi writes to PM Narendra Modi over rising fuel prices. "I urge you to roll back these increases and pass on the benefit to our middle & salaried class, our farmers & poor and our fellow citizens," she writes. pic.twitter.com/Mtbtg5sHwZ
विज्ञापन
— ANI (@ANI) February 21, 2021
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों के कष्ट और पीड़ा को दूर करने के बजाय उनकी तकलीफ बढ़ाकर मुनाफाखोरी कर रही है।
गांधी ने मोदी को पत्र लिखकर कहा,‘‘मैं यह पत्र आपको आसमान छूती तेल और रसोई गैस की कीमतों से हर नागरिक के लिए उत्पन्न गहन पीड़ा एवं संकट से अवगत कराने के लिए लिख रही हूं। एक तरफ भारत में रोजगार खत्म हो रहा है, कर्मचारियों का वेतन घटाया जा रहा है और घरेलू आय निरंतर कम हो रही है तो वहीं दूसरी ओर मध्यम वर्ग और समाज में हाशिए पर रहने वाले लोग रोजी-रोजी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। तेजी से बढ़ती महंगाई और घरेलू सामान एवं हर आवश्यक वस्तु की कीमत में अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने इन चुनौतियों को और अधिक गंभीर बना दिया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह दुखद है कि संकट के इस वक्त में भी सरकार लोगों के कष्ट और पीड़ा दूर करने के बजाय उनके दुख और तकलीफ बढ़ाकर मुनाफाखोरी कर रही है।’’ मूल्य वृद्धि से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 90.58 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 97 रुपये प्रति लीटर हो गई है।’’
गांधी ने पत्र में कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि इस समय ‘‘ऐतिहासिक और अव्यावहारिक है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे आग्रह करती हूं कि आप ईंधन की कीमतों में तत्काल कमी करके कच्चे तेल की कम कीमतों का लाभ मध्यम श्रेणी, वेतनभोगी तबके, किसानों, गरीबों और आम आदमी को दें। यह लोग लंबे समय से अभूतपूर्व आर्थिक मंदी, चौतरफा बेरोजगारी, वेतन में कमी और नौकरियां खो देने के कारण भयावह संघर्ष के दौर से गुजर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जो बात देश के तमाम नागरिकों को परेशान कर रही है वह यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें मध्यम होने के बावजूद कीमतों में वृद्धि की गई है। संदर्भ के तौर पर कच्चे तेल की कीमतें संप्रग सरकार के कार्यकाल से लगभग आधी हैं, इसलिए दाम बढ़ाने की आपकी सरकार की हरकत (लगातार 12 दिन) विशुद्ध रूप से दुस्साहसिक मुनाफाखोरी का उदाहरण है।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘इसी के साथ यह भी परेशान करने वाली बात है कि लगभग सात वर्ष से सत्ता में होने के बाद भी सरकार अपने आर्थिक कुप्रबंधन के लिए पूर्व की सरकार पर दोष मढ़ती आ रही है।’’
उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि देश में 2020 में कच्चे तेल का उत्पादन 18 साल के न्यूनतम स्तर पर है। पत्र में कहा गया कि सरकारें लोगों का बोझ कम करने के लिए चुनी जाती हैं न कि उनके हितों पर कुठाराघात करने के लिए।
उन्होंने कहा,‘‘मुझे उम्मीद है कि आप इस बात से सहमत होंगे कि यह वक्त आपकी सरकार के लिए समाधान पर ध्यान केंद्रित करने का है न कि बहाने बनाने का। भारत इससे बेहतर का हकदार है।’’