कांग्रेस खेलेगी ब्राह्मण चेहरे पर दांव, आजाद के हाथ रहेगी यूपी की कमान
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में फेरबदल की तैयारी चल रही है। पार्टी अपने पुराने वोट बैंक को फिर से हासिल करने की कोशिश के तहत मधुसूदन मिस्त्री की जगह गुलाम नबी आजाद को प्रदेश प्रभारी बना सकती है।
आजाद के जरिये मुस्लिम वोट बैंक को रिझाने की कोशिश होगी, जबकि प्रदेश अध्यक्ष पद पर निर्मल खत्री के स्थान पर ब्राह्मण चेहरा लाने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश में जनाधार खो चुकी कांग्रेस अब आईटी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के फार्मूले पर अमल कर रही है। कांग्रेस आलाकमान प्रशांत की टीम को अपने तरीके से काम करने की आजादी दी है।
' मायावती से अच्छे संबंधों के कारण भी उत्तर प्रदेश का जिम्मा सौंपा जा सकता'
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक आजाद को बसपा प्रमुख मायावती से अच्छे संबंधों के कारण भी उत्तर प्रदेश का जिम्मा सौंपा जा सकता है। राज्यसभा चुनाव और उससे पहले उत्तराखंड संकट के वक्त आजाद की कोशिशों से ही मायावती ने कांग्रेस को समर्थन दिया।
कांग्रेस आलाकमान बसपा से समझौता चाहता है, लेकिन मायावती अकेले चुनाव लड़ने पर अड़ी हैं। अब कांग्रेस की कोशिश है कि आजाद के माध्यम से बसपा के साथ तालमेल के तहत चुनाव लड़ा जा सकता है। राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के क्रम में महासचिवों और सचिवों में भारी फेरबदल लगभग तय हो गया है। इसी क्रम में आजाद को उत्तर प्रदेश में संगठन का प्रभारी बनाया जा सकता है।
मधुसूदन मिस्त्री समेत कई पदाधिाकरी बदले जा सकते
सूत्रों की मानें तो अंबिका सोनी, जनार्दन द्विवेदी और मधुसूदन मिस्त्री समेत कई पदाधिाकरी बदले जा सकते हैं। आजाद को राज्यसभा में विपक्ष के नेता पद के अलावा उत्तर प्रदेश का प्रभार मिल सकता है। आजाद ने आलाकमान के निर्देश पर राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के लिए रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाई।
आईटी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की टीम ने ब्लाक स्तर और गांवों में आम लोगों के साथ बैठकें कर कांग्रेस में फेरबदल का फार्मूला तय किया है। राहुल गांधी की ओर से इस आईटी टीम को पूरी छूट मिली हुई है। संभावित प्रत्याशियों के चयन का आधार भी यही टीम तय कर रही है।