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सोशल मीडिया: आरएसएस व बजरंग दल को बताया खतरनाक संगठन, फेसबुक पर नफरती पोस्ट हटाने को लेकर उठी जेपीसी की मांग

Mon, 25 Oct 2021 06:33 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 25 Oct 2021 06:33 PM IST
सार

कांग्रेस पार्टी के नेता का आरोप है, फेसबुक की सिक्योरिटी टीम की आंतरिक रिपोर्ट और अनुशंसाएं, फेसबुक की सेफ्टी टीम की अनुशंसाओं के विरुद्ध की गई हैं। इस सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर, अपने व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता दी है। इसके बाद भी सरकार ने फेसबुक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की...

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Congress party has accused social media platform Facebook of not taking action against posts containing hate speech against community
फेसबुक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेकर बड़े सवाल उठा दिए हैं। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने 'आरएसएस' व 'बजरंग दल' को 'खतरनाक संगठन' कहा है। उन्होंने फेसबुक पर सांप्रदायिक नफरत वाली 'पोस्ट' को लेकर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। यह सब जानने के बावजूद, फेसबुक ने अपनी आंतरिक रिपोर्टों के आधार पर आरएसएस और बजरंग दल को 'खतरनाक संगठन' के रूप में नामित क्यों नहीं किया। खेड़ा ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा, ये सरकार सोशल मीडिया सुरक्षा अनुपालन का हवाला देते हुए ट्विटर के खिलाफ बेहद सक्रिय थी, लेकिन फेसबुक पर हुए खुलासे के बाद वह एक शब्द नहीं बोल रही है। खेड़ा के मुताबिक, फेसबुक पर प्रकाशित सामग्री यानी पोस्ट आदि से भारत में खतरनाक तौर पर सांप्रदायिक नफरत भड़की है। इन्हीं पोस्ट के चलते फरवरी 2020 में दिल्ली, दंगों की आग में दहल उठी थी। इन दंगों में कम से कम 53 लोग मारे गए थे।

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व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता

कांग्रेस पार्टी के नेता का आरोप है, फेसबुक की सिक्योरिटी टीम की आंतरिक रिपोर्ट और अनुशंसाएं, फेसबुक की सेफ्टी टीम की अनुशंसाओं के विरुद्ध की गई हैं। इस सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर, अपने व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता दी है। इसके बाद भी सरकार ने फेसबुक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। क्या यह स्पष्ट रूप से 'क्विड प्रो क्वो' की उपस्थिति को नहीं दर्शाता है। इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया जाए। खेड़ा के मुताबिक, फेसबुक पर प्रकाशित नफरत वाली सामग्री के चलते देश के कई हिस्सों में अशांति फैली है। जब दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे हुए तो फेसबुक पर नफरत वाली सामग्री के चलन में दिसंबर 2019 के बाद 300 फीसदी का इजाफा हुआ था। यह वह समय था जब देश भर में सीएए (नागरिकता संशोधन विधेयक) के खिलाफ विरोध हो रहे थे। ऐसी सामग्री के इजाफे का खुलासा जुलाई 2020 में जारी फेसबुक के आंतरिक शोध से हुआ है।

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मुस्लिमों को निशाना बनाती हुई भड़काऊ सामग्री

इस रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2020 में फेसबुक और इसके स्वामित्व वाले मैसेजिंग एप व्हाट्सएप के जरिए अफवाहें फैलाई गईं और हिंसा की अपील की गईं। कांग्रेस नेता ने कहा, हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदायों को ऐसा महसूस हुआ कि फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया माध्यमों पर जो सामग्री आ रही थी, उससे संघर्ष, नफरत और हिंसा फैलने की आशंका बढ़ गई थी। फेसबुक ने इस रिपोर्ट पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। दोनों समुदायों का कहना था, ऐसी सामग्री बार-बार आती रही। उसमें दिखाया जा रहा था कि कोविड-19 का संक्रमण फैलने के लिए मुसलमानों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोग हिंदू महिलाओं को शादी के लिए निशाना बना रहे थे। रिपोर्ट में लिखा है कि फेसबुक के जरिए निजी फेसबुक समूह में एक समान विचारधारा वाले लोग अधिक विभाजनकारी, खासतौर से मुसलमानों को निशाना बनाती हुई भड़काऊ सामग्री पोस्ट कर रहे थे। बहुत से यूजर्स को लगता है कि यह फेसबुक की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी सामग्री को फेसबुक और व्हाट्सएप पर प्रसारित होने से नियंत्रित करे।

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हेट स्पीच नियमों के आधार पर एक संगठन हटाने की सिफारिश

बतौर पवन खेड़ा, फेसबुक के रिसर्चर्स का मानना है कि दो हिंदूवादी राष्ट्रवादी समूहों, जिनके भारत की सत्तारुढ़ राजनीतिक पार्टी के साथ संबंध हैं, उन्होंने फेसबुक और व्हाट्सएप पर भड़काऊ व मुस्लिम विरोधी सामग्री पोस्ट की है। इन समूहों में आरएसएस और बजरंग दल का नाम लिया गया है। रिसर्चर्स ने सिफारिश की है कि फेसबुक को हेट स्पीच नियमों के आधार पर एक संगठन को तो फेसबुक से हटा ही देना चाहिए। हालांकि वह संगठन आज भी सक्रिय है। दूसरे समूह को राजनीतिक संवेदनशीलताओं के चलते खतरनाक की श्रेणी में नहीं डाला गया। सितंबर 2021 में दिल्ली विधानसभा की शांति और सद्भाव कमेटी ने कहा था, प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगों को भड़काने का काम किया है। समिति के चेयरमैन राघव चड्ढा ने कहा, फेसबुक के अधिकारियों को अगली सुनवाई पर उपस्थित होने के लिए समन किया गया है।

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