कांग्रेस-एनसीपी से भाजपा में शामिल हुए नेताओं को ऑपरेशन कमल की बागडोर
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राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा भाजपा को महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए दी गई 30 नवंबर की तारीख के लिए पार्टी ने ऑपरेशन कमल योजना की बागडोर चार नेताओं को सौंपी है। इनमें से दो नेता कांग्रेस से पार्टी में आए हैं और दो एनसीपी से।
वर्तमान राजनीतिक ड्रामे में कांग्रेस-एनसीपी की काट के लिए भाजपा ने यह योजना बनाई है। सूत्रों के अनुसार 288 के सदन में 145 का जरूरी आंकड़ा जुटाने के लिए भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। इसमें ऑपरेशन कमल के तहत नारायण राणे, राधाकृष्ण विखे पाटिल, बबनराव पाचपुते और गणेश नाइक को जिम्मेदारी दी गई है।
राणे-पाटिल कांग्रेस से भाजपा में आए हैं और पाचपुते-नाइक पहले एनसीपी में रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि चारों नेता कांग्रेस-एनसीपी के गढ़ों में सेंध लगा सकते हैं। इन दलों ने अपने नेताओं को अलग-अलग होटलों में ठहरा रखा है। हालांकि सभी दल विधायकों की तोड़फोड़ से इनकार करते हैं, लेकिन राजनीतिक हकीकत अलग होती है। 56 विधायकों वाली शिवसेना भी दावा करती रही है कि मौका आने पर हम सदन में 165 से 170 तक का समर्थन दिखा देंगे।
यह एक्सीडेंटल शपथग्रहण : राउत
मुंबई । शिवसेना सांसद संजय राउत ने शनिवार को हुए मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री शपथग्रहण समारोह की तीखी आलोचना करते हुए ‘एक्सीडेंटल शपथग्रहण’ बताया है। उन्होंने ट्विटर पर यह बात लिखी। उन्होंने बाद में मीडिया से कहा कि भाजपा सदन में बहुमत सिद्ध नहीं कर पाएगी और साथ ही दावा कि कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना के पास 165 विधायक हैं।