फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress MP, Shashi Tharoor statement on pegasus spyware phone tapping case

पेगासस जासूसी मामला: शशि थरूर ने साधा सरकार पर निशाना, बोले- ये बुरा है.. यह और भी बुरा है

Mon, 19 Jul 2021 07:48 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 19 Jul 2021 07:48 PM IST
सार

शशि थरूर ने कहा कि यदि किसी ने अनधिकृत रूप से ऐसा किया है, तो यह और भी बुरा है। यदि कोई विदेशी सरकार कहती है कि चीन या पाकिस्तान ने ऐसा किया है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से हमारी सरकार जांच करानी चाहिए और इसलिए एक स्वतंत्र जांच नितांत आवश्यक है।

विज्ञापन
Congress MP, Shashi Tharoor statement on pegasus spyware phone tapping case
shashi tharoor

विस्तार

पेगासस मामले को लेकर आईटी पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमावार को कहा कि अगर भारत सरकार ने ऐसा किया है तो यह बहुत बुरा है। अगर किसी ने अनधिकृत रूप से ऐसा किया है, तो यह और भी बुरा है। यदि कोई विदेशी सरकार कहती है कि चीन या पाकिस्तान ने ऐसा किया है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से हमारी सरकार जांच करानी चाहिए और इसलिए एक स्वतंत्र जांच नितांत आवश्यक है।

विज्ञापन


थरूर ने कहा कि राहुल गांधी और प्रशांत किशोर क्या सोच रहे हैं या राजनेताओं का साक्षात्कार करते समय पत्रकार क्या सोच रहे हैं, इसका राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है।
विज्ञापन


उन्होंने सवाल किया अगर सरकार ने इसके लिए किसी को अधिकृत नहीं किया और ना ही करना चाहती है, तो ये किसने किया? पेगासस निर्माता एनएसओ ग्रुप का कहना है कि वे इसे केवल सरकारों को बेचते हैं, और सॉफ्टवेयर के लिए इसकी लागत लगभग 70 लाख अमेरिकी डॉलर है। जाहिर है इस तरह का पैसा सिर्फ सरकारें ही खर्च कर पाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


जानिए क्या है मामला
गौरतलब है कि मीडिया संस्थानों के अंतरराष्ट्रीय संगठन ने खुलासा किया है कि केवल सरकारी एजेंसियों को ही बेचे जाने वाले इजराइल के जासूसी साफ्टवेयर के जरिए भारत के दो केन्द्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं और एक न्यायाधीश सहित बड़ी संख्या में कारोबारियों और अधिकार कार्यकर्ताओं के 300 से अधिक मोबाइल नंबर, हो सकता है कि हैक किए गए हों।


यह रिपोर्ट रविवार को सामने आई है। सरकार ने अपने स्तर पर खास लोगों की निगरानी संबंधी आरोपों को खारिज किया है। सरकार ने कहा कि इसका कोई ठोस आधार नहीं है या इससे जुड़ी कोई सच्चाई नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed