कर्नाटक: चुनाव से पहले CM सिद्धारमैया की बढ़ी 'टेंशन', पार्टी नेताओं ने रख दी ये मांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चामुंडेश्वरी विधानसभा सीट से चुनाव न लड़कर बादामी से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। गुरुवार को बादामी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं ने सिद्धारमैया से मुलाकात कर उनसे सीट बदलने के लिए आग्रह किया।
पार्टी नेताओं ने तर्क दिया कि ऐसा करने से पार्टी को नॉर्थ कर्नाटक में जबरदस्त फायदा होगा। इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पार्टी आलाकमान से इस बारे में चर्चा करेंगे और विचार विमर्श के बाद ही फैसला लिया जाएगा। बता दें कि सिद्धारमैया चामुंडेश्वरी क्षेत्र से सात बार चुनाव लड़ चुके हैं और पांच बार जीत हासिल कर चुके हैं।
Congress leaders of Badami assembly constituency met CM Siddaramaiah and requested him to contest from Badami, saying that it will benefit the party in north #Karnataka. CM said that the leaders will have to give their opinion to the party high command. #KarnatakaElections2018 pic.twitter.com/cKlRdagv0J
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 12, 2018
ये है वजह
देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक में भी चुनाव में जातियां अहम भूमिका निभाती हैं। राज्य का वोक्कालिगा समुदाय अब कांग्रेस और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के लिए गले की फांस बनता जा रहा है।
सिद्धारमैया को चामुंडेश्वरी क्षेत्र में वोक्कालिगा का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ रहा है। नाराजगी की वजह सिद्धरमैया का वह बयान जिसमें उन्होंने कहा था कि वह पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा के राजनीतिक महत्व को पूरी तरह से खत्म कर देंगे।
सिद्धारमैया के इस बयान पर देवगौड़ा के नेतृत्व वाली जनता दल (सेक्युलर) ने फायदा उठाते हुए वोक्कालिगा समुदाय के लोगों को साधते हुए भावानात्मक कार्ड खेला है। पार्टी ने यह जताने की कोशिश की है कि जो भी देवगौड़ा और उनके बेटे कुमारस्वामी के खिलाफ है वह वोक्कालिगा के भी खिलाफ माना जाएगा।
अब सिद्धारमैया के पास दो रास्ते हैं एक तो यह कि वह इस सीट से चुनाव न लड़कर किसी और से सीट से मैदान में उतरे या फिर गैर-वोक्कालिगा वोटर्स को अपने पक्ष में कर लें।