अचानक प्रवासी मजदूरों से मिलने पहुंचे राहुल गांधी, भाजपा नेता बोले कौन सा बड़ा काम किया!
- मजदूरों ने कहा राहुल से मिलकर बहुत अच्छा लगा, कोई तो सुनवाई कर रहा
- शनिवार सुबह औरैया में भीषण सड़क हादसे में हुई 25 मजदूरों की मौत
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कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को भाजपा को नया टास्क दे दिया। राहुल गांधी अपने आवास से निकले और अपने घर जाने के लिए निकले अप्रवासी मजदूरों से मिलने पहुंच गए।
उनका दर्द जाना, सुना, समझा उनके बीच में कुछ देर रहे और चले गए। राहुल गांधी के वहां पहुंचते ही खबर समाचार चैनल पर आई, भाजपा के नेताओं के पास भी पहुंची और सूचना है कि कांग्रेस सांसद ने भाजपा को नया टास्क दे दिया है।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह राहुल गांधी का अपना निर्णय है। उन्होंने जाकर लोगों से भेंट की। वह केवल यही कर सकते हैं, जबकि भाजपा गरीब, मजदूरों के दु:ख, दर्द में लगातार उनके साथ है।
भाजपा के एक अन्य नेता ने कहा कि राहुल गांधी मजदूरों से मिलना कौन सा बड़ा काम है। इस पर वह कौन सी प्रतिक्रिया दे दें। लेकिन समझा जा रहा है कि कांग्रेस सांसद ने शनिवार को मजदूरों से मिलने का कदम उठाकर इस मुद्दे को हाई प्रोफाइल बना दिया है।
शनिवार सुबह ही औरैया में भीषण हादसा हुआ है। इसमें 25 मजदूरों को जान से हाथ धोना पड़ा है। ऐसे में राहुल गांधी के मजदूरों से मिलने के बाद अब भाजपा और केन्द्र सरकार भी मजदूरों की हमदर्द बनते हुए दिखाई दे सकती है।
खबर तो यह भी है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से बात की है। शाह ने नड्डा से भाजपा के कार्यकर्ताओ, नेताओंं को जगह-जगह कैंप लगाकर मजदूरों को खाना, पानी, चप्पल, मास्क आदि देकर उनकी पीड़ा कम करने का सुझाव दिया है।
मजदूरों बोले, कोई तो है सुध लेने वाला
मध्य प्रदेश के मजदूर महेश कुमार से राहुल गांधी मिले। महेश कुमार एक बच्चा और 13 आदमी के साथ अपने घर जाने के लिए निकले हैं। इनमें महिलाएं भी हैं। उन्होंने राहुल गांधी को बताया कि वह अपने घर से लॉकडाउन के पांच-छह दिन पहले आए थे।
कुछ कमा भी नहीं पाए और 50 दिन से खाली बैठे हैं। कोई काम धंधा चल नही रहा है। भूखे, प्यासे मर रहे हैं। चार-पांच दिन में हजार दो-हजार रुपये कमा लिया था। सरकार की तरफ से खाने के लिए चावल आदि बंटते थे, उसे खाकर किसी तरह से गुजारा कर रहे हैं। अब घर जाने के लिए निकले हैं।
भरोसा दिया है घर भिजवाने का
महेश कुमार ने बताया कि राहुल गांधी ने उनके दर्द को समझा है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह महेश कुमार और उनके 13 साथियों को घर जाने की व्यवस्था कराने में सहयोग देंगे। महेश कुमार इससे खुश हैं कि किसी ने उनके दुख-दर्द का साझा किया है। अब उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही कुछ अच्छा हो जाएगा।