फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress leader Priyanka Gandhi is continuously promoting her Hindu image in before upcoming election in Uttar Pradesh 2022

प्रियंका गांधी: क्या आस्था की डुबकी और हिन्दुत्व के चप्पू से पार लगेगी कांग्रेस की नाव

Thu, 11 Feb 2021 09:24 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 11 Feb 2021 09:24 PM IST
सार

कांग्रेस ने बेहद सोची-समझी रणनीति के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हिंदूवादी छवि के सामने प्रियंका गांधी को इस रूप में मैदान में उतारा है...

विज्ञापन
Congress leader Priyanka Gandhi is continuously promoting her Hindu image in before upcoming election in Uttar Pradesh 2022
प्रयागराज में प्रियंका गांधी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

प्रियंका गांधी ने गुरुवार को मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में गंगा नदी में स्नान किया। इस अवसर पर उन्होंने जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इसके एक दिन पहले वे सहारनपुर में थीं और वहां उन्होंने शाकुंभरी देवी के दर्शन किए थे। सहारनपुर में प्रियंका गांधी की सभा के मंच पर प्रमुख अखाड़ों के संत भी उपस्थित थे। प्रियंका ने उनसे भी आशीर्वाद लिया। कांग्रेस लगातार प्रियंका गांधी को हिंदूवादी छवि के तौर पर जनता के सामने पेश कर रही है।

विज्ञापन


लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इस छवि के सहारे वे 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मजबूत टक्कर दे पाएंगी? दरअसल पिछले कई चुनावों से जिस तरह भाजपा हिंदुत्व की राजनीति को धार देकर कांग्रेस को हिंदू विरोधी बताकर हिंदुओं को अपने पक्ष में गोलबंदी करती रही है। अब 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को राज्य की जिम्मेदारी दी है जहां पार्टी का मुकाबला उस भाजपा से है जिसका नेतृत्व राज्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं जो गोरक्ष पीठाधीश्वर होने के साथ-साथ कट्टर हिंदुत्ववादी भी हैं।
विज्ञापन


प्रियंका ने इसी हिंदू कार्ड को ध्यान में रखकर बहुत सावधानी से अपने कदम बढ़ाने शुरु कर दिए हैं।  प्रियंका की हिंदू छवि निखारने के लिए कार्यकर्ता हिंदुओं में यह संदेश दे रहे हैं कि कांग्रेस और प्रियंका उतने ही हिंदू हैं जितने कि भाजपा वाले या कोई और। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों को कांग्रेस के साथ फिर से जोड़ने के लिए ब्राह्मण मुख्यमंत्री का नारा बुलंद किया जा रहा है। हाथरस कांड के समय दिल्ली के वाल्मीकि मंदिर में जाकर प्रियंका ने रामधुन गाई। कुल मिलाकर प्रियंका गांधी की हिंदूवादी राजनीति को धार देने की लगातार कोशिश हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रियंका गांधी को हिंदूवादी छवि में पेश कर कांग्रेस क्या संदेश देना चाहती है? यह सवाल पूछने पर प्रियंका गांधी के प्रमुख सलाहकार कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अमर उजाला से कहा कि भाजपा ने पूरी साजिश के तहत कांग्रेस को एक हिंदू विरोधी पार्टी के तौर पर जनता के सामने पेश करना शुरू कर दिया। इससे कुछ लोगों के मन में भ्रम पैदा हो गया। जबकि इस देश ने देखा है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी हमेशा हिंदू देवी-देवताओं के दर्शन करते रहे हैं। उन्होंने हिंदू धर्माचार्यों से आशीर्वाद भी प्राप्त किया है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम के मुताबिक प्रियंका गांधी का गंगा स्नान करना उनकी व्यक्तिगत श्रद्धा का प्रश्न है और इसे किसी अन्य तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए। लेकिन उनका व्यक्तिगत मानना है कि भाजपा के दुष्प्रचार को खत्म करने के लिए प्रियंका का इस तरह जनता के सामने आना बेहद जरूरी है। इससे भाजपा के दुष्प्रचार से निपटने में मदद मिलेगी।

Congress leader Priyanka Gandhi is continuously promoting her Hindu image in before upcoming election in Uttar Pradesh 2022
प्रयागराज में प्रियंका गांधी वाड्रा - फोटो : Amar Ujala

सबको साथ लेकर चलने का संकेत भी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की रही है। अगर प्रियंका गांधी ने अपने सहारनपुर के दौरे पर मां शाकुंभरी देवी के दर्शन किए हैं तो साथ में इसी दौरे में वे एक दरगाह पर भी गई हैं। यह संदेश साफ कहता है कि कांग्रेस सभी को साथ लेकर चलने की अपनी नीति से अलग नहीं हटने जा रही है।

कुंभ में एक लाख संत कर सकते हैं कांग्रेस का समर्थन

मामला केवल प्रियंका गांधी के हिंदूवादी छवि में सामने आने तक सीमित नहीं है। कांग्रेस पूरा प्रयास कर रही है कि उसकी छवि एक हिंदूवादी पार्टी के रूप में भी सामने आए। यही कारण है कि पार्टी नेताओं का एक खेमा लगातार हिंदू धर्माचार्यों से संपर्क कर पार्टी के लिए उनका समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस कोशिश का यह परिणाम हुआ है कि हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान एक लाख संत कांग्रेस के पक्ष में अपने समर्थन का एलान कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो कुंभ और धर्माचार्यों के प्रति अगाध श्रद्धा रखने वाली हिंदू जनता पर इसका एक बड़ा असर हो सकता है। पार्टी इस रणनीति को सफल बनाने के लिए जुट गई है।

क्या गंगा नहाकर हिंदू जनमानस को साध सकेंगी प्रियंका

भाजपा नेता प्रेम शुक्ला कहते हैं कि गंगा स्नान करने के लिए सबसे प्रमुख चीज श्रद्धा की होती है। जनता यह अवश्य समझने का प्रयास करेगी कि क्या कांग्रेस और गांधी परिवार में सनातन धर्म और इसके मूल्यों के प्रति कोई श्रद्धा है? उन्होंने कहा कि इसी जनता ने देखा है कि चुनाव पूर्व सोनिया गांधी ने दुर्गा मंदिरों के दर्शन करना शुरू कर दिया था और सत्ता में आते ही कांग्रेस के अनेक नेताओं ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करना शुरू कर दिया था। उनका मानना है कि आज की जनता बेहद समझदार है और कांग्रेस की यह कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed