{"_id":"5bdc4affbdec2269774f0b5f","slug":"congress-leader-prem-chand-guddu-joins-bjp","type":"story","status":"publish","title_hn":"मालवा-निमाड़ में कांग्रेस का गणित बिगाड़ सकते हैं दिग्विजय के करीबी गुड्डू","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मालवा-निमाड़ में कांग्रेस का गणित बिगाड़ सकते हैं दिग्विजय के करीबी गुड्डू
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Updated Fri, 02 Nov 2018 06:32 PM IST
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पूर्व कांग्रेस सांसद प्रेमचंद गुड्डू बीजेपी में शामिल
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कांग्रेस के 30 साल पुराने सैनिक प्रेमचंद गुड्डू ने अपने और बेटे के राजनीतिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए नया ठिकाना खोज लिया है। गुड्डू के करीबी बताते हैं कि उनके पुत्र अजीत बैरासी ने इंदौर में भाजपा की सदस्यता ले ली और अब उम्मीद है कि भाजपा गुड्डू को प्रकाश मालवीय के स्थान पर उज्जैन की घट्टिया विधानसभा सीट से टिकट दे सकती है। गुड्डू के पुत्र अजीत बैरासी को भी विधानसभा चुनाव में टिकट मिल सकता है। वह सांवेर या सोनकच्छ से उम्मीदवार बनाए जा सकते हैं।
मालवा-निमाड़ में कांग्रेस के लिए मुसीबत
गुड्डू इंदौर में रहते हैं, उज्जैन से 2009 में लोकसभा चुनाव जीते थे और आलोट तथा सांवेर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। घट्टिया में उनका भरपूर प्रभाव है और मालवा क्षेत्र में काफी जनाधार भी है। एक आकलन के अनुसार उनके भाजपा में जाने से सीधे तौर पर पांच-छह विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को नुकसान और भाजपा को फायदा होगा।
गुड्डू मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और दिग्विजय सिंह जब दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के चुनाव लड़ रहे थे तब 1998 में गुड्डू को विधानसभा का टिकट मिला था। गुड्डू को दिग्विजय का आशीर्वाद मिला था। दिग्विजय सिंह की वजह से भी उन्हें उज्जैन से लोकसभा का टिकट मिला था।
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क्यों छोड़ी कांग्रेस
गुड्डू की महत्वाकांक्षा बढ़ रही थी और कांग्रेस के नेता इसे दबा रहे थे। कांग्रेस के अन्य नेताओं से भी मिलकर अपनी चिंता जाहिर की, लेकिन पार्टी नेताओं ने उन्हें आलोट विधानसभा सीट पर जाकर तैयारी करने के लिए कह दिया। गुड्डू केवल आलोट विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहना चाहते थे। उनकी इच्छा पुत्र अजय बैरासी को भी चुनाव में उतारने की थी।
बताते हैं इसके बाबत प्रेमचंद गुड्डू ने कांग्रेस के नेताओं से बात भी की। बात नहीं बनी तो गुड्डू जैसे वफादार कांग्रेसी ने अपनी निष्ठा बदल ली। भाजपा महासचिव विजयवर्गीय से संपर्क किया और भाजपा में शामिल हो गए।
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मालवा-निमाड़ में कांग्रेस के लिए मुसीबत
गुड्डू इंदौर में रहते हैं, उज्जैन से 2009 में लोकसभा चुनाव जीते थे और आलोट तथा सांवेर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। घट्टिया में उनका भरपूर प्रभाव है और मालवा क्षेत्र में काफी जनाधार भी है। एक आकलन के अनुसार उनके भाजपा में जाने से सीधे तौर पर पांच-छह विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को नुकसान और भाजपा को फायदा होगा।
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गुड्डू मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और दिग्विजय सिंह जब दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के चुनाव लड़ रहे थे तब 1998 में गुड्डू को विधानसभा का टिकट मिला था। गुड्डू को दिग्विजय का आशीर्वाद मिला था। दिग्विजय सिंह की वजह से भी उन्हें उज्जैन से लोकसभा का टिकट मिला था।
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क्यों छोड़ी कांग्रेस
गुड्डू की महत्वाकांक्षा बढ़ रही थी और कांग्रेस के नेता इसे दबा रहे थे। कांग्रेस के अन्य नेताओं से भी मिलकर अपनी चिंता जाहिर की, लेकिन पार्टी नेताओं ने उन्हें आलोट विधानसभा सीट पर जाकर तैयारी करने के लिए कह दिया। गुड्डू केवल आलोट विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहना चाहते थे। उनकी इच्छा पुत्र अजय बैरासी को भी चुनाव में उतारने की थी।
बताते हैं इसके बाबत प्रेमचंद गुड्डू ने कांग्रेस के नेताओं से बात भी की। बात नहीं बनी तो गुड्डू जैसे वफादार कांग्रेसी ने अपनी निष्ठा बदल ली। भाजपा महासचिव विजयवर्गीय से संपर्क किया और भाजपा में शामिल हो गए।