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खड़गे की जेटली को चिट्ठी, नए सीबीआई निदेशक की नियुक्ति पर कसा तंज
Mon, 04 Feb 2019 05:51 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Mon, 04 Feb 2019 05:51 PM IST
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कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अरुण जेटली को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि जिस तरीके से सरकार ने सीबीआई निदेशक की नियुक्ति की उससे पीएमओ का मान घटा है। उम्मीद करता हूं कि सीबीआई में नए निदेशक के अनुभव की कमी, इस संस्था के पुनर्निर्माण में आड़े नहीं आएगी, जिसे यह सरकार तबाह कर चुकी है। इससे पहले सीबीआई निदेशक की नियुक्ति संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीए) के सदस्य और सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने नवनियुक्त ऋषि कुमार शुक्ला पर आपत्ति जताते हुए सरकार को चिट्ठी लिखी थी।
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उन्होंने चिट्ठी में स्पष्ट किया था कि जिन पांच नामों की सिफारिश की गई है, उनमें भ्रष्टाचार मामलों की जांच में शुक्ला का अनुभव सबसे कम है। इस पद के लिए सीसीए ने शुक्ला के अलावा राजीव राय भटनागर, सुदीप लखटकिया, जावीद अहमद और ए. पी. माहेश्वरी की सिफारिश की थी। खड़गे की चिट्ठी के मुताबिक, सभी तरह की जांच के मामलों में यूपी कैडर के अधिकारी जावीद अहमद का सबसे लंबा (303 माह) अनुभव रहा है जबकि भ्रष्टाचार मामलों में भी वह सबसे ज्यादा (160 माह) अनुभवी हैं।
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हालांकि अहमद मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारी शुक्ला से वरिष्ठता क्रम में एक साल पीछे हैं लेकिन शुक्ला ने अपने कैरियर में भ्रष्टाचार के एक भी मामले की जांच नहीं की है। अन्य मामलों की जांच (117 माह) में ही उनका योगदान रहा है। इसके अलावा भटनागर को भ्रष्टाचार मामलों की जांच का 25 माह और अन्य मामलों की जांच का 170 माह का अनुभव है।
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खड़गे ने अपनी चिट्ठी में सुप्रीम कोर्ट बनाम विनीत नारायण मामले पर फैसले का भी जिक्र किया था जिसमें वरिष्ठता, ईमानदारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच के अनुभव को मानदंड माना गया है। इस आधार पर समिति ने वरिष्ठता के अलावा भ्रष्टाचार मामलों की जांच में कम से कम 100 माह के अनुभव वाले अधिकारी के चयन की सिफारिश की थी।