दलित वोटबैंक में सेंध लगाने पर टिकी कांग्रेस की निगाह, मतदाताओं को रिझाने की कवायद शुरू
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कांग्रेस ने एक समय अपने परंपरागत वोटबैंक रहे दलित मतदाताओं को दोबारा रिझाने की कवायद शुरू कर दी है। कांग्रेस से टूटकर बसपा व अन्य क्षेत्रीय दलों की झोली में जा चुके दलित मतदाताओं को दोबारा जोड़ने के लिए पार्टी ने संगठन में नीचे से ऊपर तक दलित भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही पार्टी का अनुसूचित जाति विभाग हर दलित मतदाता के घर तक पहुंच बनाने के लिए अभियान छेड़ेगा। इसके लिए मोहल्ला, उपमोहल्ला, नगर, कॉलोनी, फ्लैट स्कीम के साथ ही गांव और उप-गांव इकाइयों का गठन करने की तैयारी है।
खड़ा किया जाएगा नया दलित नेतृत्व
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन डा. नितिन राउत ने बताया कि पूरे देश में दलितों से सीधे संवाद के लिए मोहल्ला स्तर से जिला और प्रदेश इकाई के बीच नियमित संपर्क बनाया जाएगा। उनका कहना है कि हमारी कोशिश होगी कि नया दलित नेतृत्व खड़ा किया जाए।
इसके लिए कासगंज में बारात निकालने के हक को लेकर हाईकोर्ट तक लड़ने वाले संजय जाटव जैसे दलित समाज के नए युवाओं को पार्टी संगठन में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। साथ ही दलित छात्रों को कांग्रेस की विचारधारा से भी अवगत कराया जाएगा।
26 से चलाएंगे संविधान से स्वाभिमान अभियान
राउत ने बताया कि 2019 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर पार्टी 90 दिनों का संविधान से स्वाभिमान अभियान चलाने जा रही है। इसकी शुरुआत 26 नवंबर को संविधान दिवस पर जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के आडिटोरियम से होगी। इस कार्यक्रम में विपक्षी पार्टियों के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।