फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   congress in crisis, rahul gandhi face new problem

राहुल की ताजपोशी से पहले बिखर रहा कांग्रेस का कुनबा

Wed, 08 Jun 2016 05:34 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र/अमर उजाला, दिल्ली।
राघवेंद्र नारायण मिश्र/अमर उजाला, दिल्ली। Updated Wed, 08 Jun 2016 05:34 AM IST
विज्ञापन
congress in crisis, rahul gandhi face new problem
कांग्रेस के सामने कुनबे को संभालने की चुनौती - फोटो : amarujala

चुनावों में लगातार पिट रही कांग्रेस के सामने कुनबे को संभालने की चुनौती है। भाजपा द्वारा कांग्रेस मुक्त भारत के नारे के बाद क्षत्रपों ने भी बगावती तेवर अपना कर ताजपोशी के लिए तैयार राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बड़े राज्य पहले ही कांग्रेस के हाथ से निकल चुके हैं। अब छोटे राज्यों में भी पार्टी में बगावत तेज होने लगी है। राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने के मुद्दे पर पुराने कांग्रेसियों में मतभेद रहा है। उत्तर प्रदेश और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को आईटी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से बड़ी उम्मीद है लेकिन सिमटते जनाधार की पृष्ठभूमि में चुनावी नैया पार लगाना बड़ी चुनौती है।

विज्ञापन

 
त्रिपुरा में कांग्रेस का कुनबा पूरी तरह बिखर गया है। पंजाब में कांग्रेस नेता चन्नी गिल ने कांग्रेस छोड़कर शिरोमणि अकाली दल की ओर रुख कर लिया है। पंजाब में चुनाव से पहले कांग्रेस के कुछ और नेताओं के अकाली दल, भाजपा और आप में जाने की चर्चाएं चल रही हैं। उत्तराखंड में कांग्रेस विधायकों की बगावत के कारण ही राष्ट्रपति शासन की स्थिति आई थी। अब कोर्ट के दखल से कांग्रेस फिर से सरकार में तो आ गई है लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय तक उपेक्षा की बात करने लगे हैं। पार्टी में बिखराव का खतरा अब भी बना हुआ है। उधर पूर्व केंद्रीय मंत्री गुरुदास कामत के इस्तीफे के बाद से मुंबई कांग्रेस में भी उठापटक का दौर जारी है। सियायी पंडितों का कहना है कि मुंबई में निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का यह अंदरूनी कलह पार्टी के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है।
विज्ञापन


पिछले लोकसभा चुनाव में दो अंकों में सिमट जाने के बाद कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में भी लगातार हार का मुंह देखना पड़ा। महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में हार हुई और अब केरल-असम भी हाथ से निकल गया है। बड़े राज्यों में अब सिर्फ कर्नाटक में ही कांग्रेस की सत्ता है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत सीबीआई की जांच झेल रहे हैं और हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुश्किलें अभी कम नहीं हुई है। हिमाचल कांग्रेस ने वीरभद्र के पक्ष में एकजुटता दिखाई है लेकिन अंदर खाने कलह हिमाचल कांग्रेस में भी है। लिहाजा राहुल अगर अध्यक्ष बन भी जाते हैं तो पार्टी को फिर से खड़ा करने की बड़ी चुनौती से निपटना आसान नहीं होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस के छह विधायकों ने पार्टी छोड़ी

congress in crisis, rahul gandhi face new problem
सुदीप राय बर्मन के नेतृत्व में बागी कांग्रेसी विधायकों ने स्पीकर रमेंद्र देबनाथ को पत्र सौंपा - फोटो : Getty Images

त्रिपुरा में कांग्रेस पार्टी के छह विधायकों ने पार्टी छोड़ दी है। वे सभी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। वाम दलों द्वारा शासित इस राज्य में अब तृणमूल मुख्य विपक्षी पार्टी बन गई है। त्रिपुरा पूर्वोत्तर का ऐसा चौथा राज्य है जहां कांग्रेस को बगावत झेलना पड़ रहा है। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय कांग्रेस में बगावत हो चुका है।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके सुदीप राय बर्मन के नेतृत्व में बागी कांग्रेसी विधायकों ने स्पीकर रमेंद्र देबनाथ को पत्र सौंपा कि वे पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। स्पीकर ने भी कांग्रेस के बागी नेताओं से पत्र मिलने की पुष्टि की है। त्रिपुरा में बर्मन को तृणमूल विधायक दल का नेता भी चुना गया है और उम्मीद की जा रही है कि वह विपक्ष के नेता पद पर दावा करें। त्रिपुरा के 60 सदस्यीय विधानसभा में अब कांग्रेस के विधायकों की संख्या 10 से घटकर तीन रह गई है।

एक विधायक जितेन सरकार ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है और उनके माकपा में शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी में राज्य कांग्रेस प्रमुख बिराजीत सिन्हा और दो अन्य विधायक बच गए हैं। सदन में वाम दलों के 50 विधायक हैं। वर्ष 2018 में राज्य में विधानसभा चुनाव होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed