{"_id":"5911d42c4f1c1bfc7e850d35","slug":"congress-has-only-one-old-in-himachal-gaurd-in-the-name-of-virbhadra-singh","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल की बड़ी लड़ाई जीतने के लिए कांग्रेस के पास केवल वीरभद्र जैसा पुराना हथियार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
हिमाचल की बड़ी लड़ाई जीतने के लिए कांग्रेस के पास केवल वीरभद्र जैसा पुराना हथियार
amarujala.com - Written By: शशिधर पाठक
Updated Tue, 09 May 2017 08:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक लड़ाई से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ही पार दिलाएंगे। आय से अधिक संपत्ति मामले में दिल्ली की पटियाला हाऊस कोर्ट ने भले ही मुख्यमंत्री को सम्मन जारी किया हो, लेकिन कांग्रेस पार्टी को राज्य में अभी भी वीरभद्र सिंह का कोई विकल्प नहींआ रहा है। पंजाब राज्य की प्रभारी और हिमाचल प्रदेश की वरिष्ठ नेता आशा कुमारी का भी कहना है कि वीरभद्र ही हिमाचल में पार्टी विधानसभा चुनाव का चेहरा होंगे।
आशा कुमारी ने माना कि राज्य में प्रदेश कांग्रेस की ईकाई काफी कमजोर है। हिमाचल में प्रदेश कांग्रेस को मौजूदा समय में न कोई मानता है और न ही जानता है। इसके बरअक्स भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य में सफलता के लिए सारे घोड़े खोल दिए हैं, लेकिन आशा कुमारी के अनुसार 55 साल से राज्य की राजनीति में सक्रिय वीरभद्र सिंह इससे निबटने में सक्षम हैं।
वीरभद्र पर आय से अधिक संपत्ति का मामला हो या भ्रष्टाचार के आरोप, आशा कुमारी का कहना है कि राज्य की जनता इसकी असलियत जानती है।
अंबिका सोनी तो सुस्त हैं
हिमाचल में इस साल के अंत तक विधानसभा का चुनाव होना है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह हिमाचल में कमल खिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं राज्य में प्रचार अभियान को लेकर कांग्रेस अभी रणनीति तैयार करने में जुटी है।
विज्ञापन
पार्टी ने राज्य में प्रचार का एक बड़ा जिम्मा वीरभद्र सिंह के ऊपर छोड़ दिया है। बताते हैं कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा हिमाचल को लेकर पहले काफी सक्रिय थे, लेकिन इस समय शांत हैं।
वहीं कांग्रेस महासचिव और हिमाचल की प्रभारी अंबिका सोनी समय की प्रतीक्षा कर रही है। सबकी निगाह वीरभद्र सिंह के खिलाफ अदालत में चल रहे मुकदमे पर टिकी हैं। पार्टी के पास वीरभद्र के विकल्प के रुप में कोई सशक्त चेहरा न होना भी मजबूरी है।
पीसीसी में बदलाव
कांग्रेस पार्टी प्रदेश संगठन में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी इसके पक्षधर बताए जा रहे हैं। राज्यसभा में विपक्ष के सदन में उपनेता आनंद शर्मा भी हिमाचल को लेकर काफी संवेदनशील हैं।
इसको लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी वह लगातार मशविरा कर रहे हैं। माना यह जा रहा है कि जल्द प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव हो सकता है।
फिलवक्त अभी कांग्रेस सबकुछ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की छवि पर छोडक़र चल रही है। 83 साल के वीरभद्र ने राज्य में छठवीं बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली है।
विज्ञापन
आशा कुमारी ने माना कि राज्य में प्रदेश कांग्रेस की ईकाई काफी कमजोर है। हिमाचल में प्रदेश कांग्रेस को मौजूदा समय में न कोई मानता है और न ही जानता है। इसके बरअक्स भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य में सफलता के लिए सारे घोड़े खोल दिए हैं, लेकिन आशा कुमारी के अनुसार 55 साल से राज्य की राजनीति में सक्रिय वीरभद्र सिंह इससे निबटने में सक्षम हैं।
विज्ञापन
वीरभद्र पर आय से अधिक संपत्ति का मामला हो या भ्रष्टाचार के आरोप, आशा कुमारी का कहना है कि राज्य की जनता इसकी असलियत जानती है।
अंबिका सोनी तो सुस्त हैं
हिमाचल में इस साल के अंत तक विधानसभा का चुनाव होना है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह हिमाचल में कमल खिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं राज्य में प्रचार अभियान को लेकर कांग्रेस अभी रणनीति तैयार करने में जुटी है।
विज्ञापन
पार्टी ने राज्य में प्रचार का एक बड़ा जिम्मा वीरभद्र सिंह के ऊपर छोड़ दिया है। बताते हैं कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा हिमाचल को लेकर पहले काफी सक्रिय थे, लेकिन इस समय शांत हैं।
वहीं कांग्रेस महासचिव और हिमाचल की प्रभारी अंबिका सोनी समय की प्रतीक्षा कर रही है। सबकी निगाह वीरभद्र सिंह के खिलाफ अदालत में चल रहे मुकदमे पर टिकी हैं। पार्टी के पास वीरभद्र के विकल्प के रुप में कोई सशक्त चेहरा न होना भी मजबूरी है।
पीसीसी में बदलाव
कांग्रेस पार्टी प्रदेश संगठन में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी इसके पक्षधर बताए जा रहे हैं। राज्यसभा में विपक्ष के सदन में उपनेता आनंद शर्मा भी हिमाचल को लेकर काफी संवेदनशील हैं।
इसको लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी वह लगातार मशविरा कर रहे हैं। माना यह जा रहा है कि जल्द प्रदेश कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव हो सकता है।
फिलवक्त अभी कांग्रेस सबकुछ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की छवि पर छोडक़र चल रही है। 83 साल के वीरभद्र ने राज्य में छठवीं बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली है।