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जयराम रमेश की शशि थरूर को दो टूक: 'कांग्रेस में अलग राय रखने की आजादी, यही हमारी ताकत'
Wed, 24 Jun 2026 03:52 PM IST
Rahul Kumar
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Wed, 24 Jun 2026 03:52 PM IST
सार
Jairam Ramesh On Shashi Tharoor Remarks: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है। यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि पार्टी में अलग-अलग विचार रखने और उन्हें खुलकर व्यक्त करने की पूरी आजादी है। जयराम रमेश का यह बयान शशि थरूर के हालिया बयानों को लेकर पार्टी के भीतर उठे विवाद के बीच आया है। रमेश ने कहा कि कांग्रेस विचारों को दबाने वाली पार्टी नहीं है, बल्कि विभिन्न दृष्टिकोणों का सम्मान करती है। आइए, विस्तार से जानते हैं जयराम रमेश ने थरूर पर क्या कुछ कहा...
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश और शशि थरूर
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा है कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है और यह विभिन्न विचारों को व्यक्त करने की अनुमति देती है, जो इसकी ताकत है। जयराम रमेश का यह बयान पार्टी के सहयोगी शशि थरूर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात पर पार्टी से अलग रुख अपनाने के कुछ दिनों बाद आया है।
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'कांग्रेस ऐसी पार्टी जो विचारों को नहीं दबाती'
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस ऐसी पार्टी नहीं है जो विचारों को दबाती हो। उन्होंने कहा कि पार्टी में कई अनुभवी और जानकार नेता हैं, जिनके पास राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर कहने के लिए बहुत कुछ है। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक दल है और विभिन्न दृष्टिकोणों को सामने रखने की अनुमति देती है। रमेश की यह टिप्पणी उस विवाद के कुछ दिनों बाद आई है, जब कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर शशि थरूर की टिप्पणी की आलोचना की थी। खेड़ा ने कहा था कि मोदी के प्रति थरूर की प्रशंसा अब इस हद तक पहुंच गई है कि वह ऐसी बातें भी सुन लेते हैं, जो प्रधानमंत्री ने कही ही नहीं।
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खेड़ा के बयान पर थरूर का पलटवार
थरूर ने इसके जवाब में कहा था कि भारतीय नागरिक नाविकों की सुरक्षा से जुड़े एक बयान को राजनीतिक रंग दिया जाना असाधारण है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ बैठक के बाद थरूर की ओर से जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति की दिशा में हो रही प्रगति को प्रोत्साहित करने संबंधी टिप्पणी भी पार्टी के कुछ नेताओं को पसंद नहीं आई थी।
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विवाद के बीच थरूर ने स्पष्ट किया था कि विदेश मामलों की संसदीय समिति का जम्मू-कश्मीर दौरा घाटी की परिस्थितियों का आकलन करने के लिए नहीं है। उन्होंने कहा था कि समिति का ध्यान भारत-पाकिस्तान, भारत-चीन संबंधों और पासपोर्ट सेवाओं सहित विदेश मामलों से जुड़े मुद्दों तक सीमित है।
विविध विचारों को स्थान देती है पार्टी- जयराम
पार्टी लाइन से अलग राय रखने वाले नेताओं के बारे में पूछे जाने पर जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस के भीतर पार्टी मंचों पर खुलकर और स्पष्ट चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी कुछ नेता अलग दृष्टिकोण रखते हैं, लेकिन वह इसे कांग्रेस की ताकत मानते हैं।रमेश ने कहा, हम ऊपर से नीचे तक निर्देशित होने वाली पार्टी नहीं हैं। हम ऐसी पार्टी नहीं हैं जो विचारों को दबाती हो।हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संचार विभाग के प्रभारी महासचिव के रूप में अलग-अलग विचार सामने आने से उनका काम कुछ कठिन हो जाता है। इसके बावजूद वह इसे कांग्रेस की ताकत मानते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में विभिन्न विचारों वाले लोग हैं, जो खुलकर अपनी बात रखते हैं और पार्टी उन्हें समाहित करने में सक्षम है। रमेश ने कहा कि कांग्रेस की आधिकारिक और मूल राजनीतिक स्थिति वही मानी जाती है, जिसे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी या पार्टी की ओर से अधिकृत नेता सार्वजनिक रूप से रखते हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विचार मीडिया में सुर्खियां बनते हैं और चर्चा का विषय बनते हैं, लेकिन इससे कांग्रेस के व्यापक स्वरूप का पता चलता है। रमेश ने दावा किया कि कांग्रेस पिछले 100 वर्षों से भी अधिक समय से विविध विचारों को अपने भीतर स्थान देती रही है।