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नगालैंड मामला: कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को मोन जाने से रोका गया, जोरहाट एयरपोर्ट पर ही धरने पर बैठे
Wed, 08 Dec 2021 05:21 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 08 Dec 2021 05:21 PM IST
सार
नागालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत हो गई थी। इसी सिलसिले में कांग्रेस नेता लोगों से मुलाकात करने जा रहे थे।
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Congress delegation in Jorhat
- फोटो : ANI
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विस्तार
नगालैंड फायरिंग हादसे को लेकर सियासी तनातनी जारी है। आज नगालैंड के मोन जिले जाते समय कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को असम के जोरहाट हवाई अड्डे पर ही रोक लिया गया। इसके बाद कांग्रेस नेता यहीं पर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को जोरहाट के जिलाधिकारी द्वारा धारा 144 लागू किए जाने के कारण रोका गया है। इस प्रतिनिधिमंडल में गौरव गोगोई, जितेंद्र सिंह जैसे कांग्रेस नेता शामिल हैं।
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टीएमसी सांसदों ने की शाह से मुलाकात
इस बीच लोकसभा टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि नगालैंड में 14 नागरिकों की मौत पर टीएमसी के 7 सदस्य गृह मंत्री से मिलने गए थे। शाह ने आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। नागालैंड सरकार ने पहले ही उनके परिवारों के सदस्य को रोजगार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि हमें आश्वासन दिया गया है कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और उनके खिलाफ उचित आपराधिक कार्यवाही शुरू की जाएगी। हम जल्द से जल्द नगालैंड जाने की उम्मीद करते हैं।
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सुरक्षाबलों की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत
नागालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से यहां हालात तनावपूर्ण हैं। इस घटना में मरने वालों के लिए पांच दिनों के शोक का आह्वान किया गया है। यह आह्वान यहां के विभिन्न नगा संस्थाओं ने किया है।
अधिकारियों ने बताया कि नगालैंड और मोन में स्थिति नियंत्रण में है। मगर अब लगभग सभी नगा जनजातियां सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून (अफस्पा) को हटाने की मांग को लेकर एकजुट हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने भी अफस्पा हटाने की मांग की है।