फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress CM race tightens in Kerala as lobbying intensifies among VD Satheesan KC Venugopal Ramesh Chennithala

Kerala Politics: केरल में कांग्रेस की जीत के बाद कौन बनेगा मुख्यमंत्री? कुर्सी के लिए ये तीन नेता दावेदार

Wed, 06 May 2026 02:15 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Wed, 06 May 2026 02:15 PM IST
सार

केरल विधानसभा चुनाव में 102 सीटें जीतकर यूडीएफ ने दस साल बाद शानदार वापसी की है। अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस के तीन दिग्गज नेताओं- रमेश चेन्निथला, वीडी सतीशन और केसी वेणुगोपाल के बीच कड़ी टक्कर चल रही है। मुख्यमंत्री चुनने के लिए आलाकमान ने मुकुल वासनिक और अजय माकन को पर्यवेक्षक बनाकर केरल भेजा है। अब विधायकों की राय के आधार पर अंतिम फैसला होगा। आइए, विस्तार इन तीनों नेताओं के दबदबे को समझते हैं।

विज्ञापन
Congress CM race tightens in Kerala as lobbying intensifies among VD Satheesan KC Venugopal Ramesh Chennithala
केरल में किसके सिर सजेगा ताज? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन यूडीएफ ने दस साल के लंबे इंतजार के बाद सत्ता में बहुत ही शानदार वापसी की। नौ अप्रैल को हुए चुनाव में 140 सीटों वाली विधानसभा में गठबंधन ने 102 सीटों पर कब्जा जमाकर इतिहास रचा। इस चुनाव में कुल 2.15 करोड़ वोट पड़े थे। इनमें से एक करोड़ से ज्यादा वोट सिर्फ यूडीएफ को मिले हैं। लेकिन इस बड़ी जीत का जश्न मनाने के साथ ही अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। 

विज्ञापन


इस कुर्सी के लिए पार्टी के तीन बड़े नेताओं वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच कांटे की टक्कर चल रही है और सभी के समर्थक अपने-अपने नेताओं की दावेदारी को सबसे मजबूत बता रहे हैं। मुख्यमंत्री पद की यह दौड़ समय के साथ बहुत ही दिलचस्प और पेचीदा होती जा रही है। कांग्रेस आलाकमान ने इस मामले को सुलझाने और नया नेता चुनने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं मुकुल वासनिक और अजय माकन को पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) बनाकर केरल भेज दिया है। 
विज्ञापन


पार्टी के लिए एक को चुनना क्यों मुश्किल
केरल की राजनीति में धर्म और जाति का बहुत बड़ा असर होता है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री पद के ये तीनों ही दावेदार 'नायर समुदाय' से आते हैं और ये तीनों नेता कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत के. करुणाकरण के शिष्य रह चुके हैं। इसलिए पार्टी के लिए किसी एक को चुनना बहुत मुश्किल फैसला हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या रमेश चेन्निथला का अनुभव दिलाएगा उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी? 

  • वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने इस चुनाव में यूडीएफ की अभियान समिति के अध्यक्ष के रूप में काम किया था। उन्होंने अपनी हरिपाद सीट से भारी मतों से जीत दर्ज की है।
  • उनके समर्थकों का दावा है कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने ही उन्हें युवा कांग्रेस में मौका देकर राष्ट्रीय स्तर का नेता बनाया था, इसलिए उनके अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
  • उनका यह भी कहना है कि बाकी दोनों दावेदार (सतीसन और वेणुगोपाल) कभी राजनीति में चेन्निथला के ही पीछे चलते थे।
  • नतीजों के बाद चेन्निथला ने कहा है कि इस शानदार जीत का पूरा श्रेय राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी को जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की 'पांच गारंटियों' के कारण ही पार्टी को चुनाव में इतनी बड़ी सफलता मिली है।


क्या वी.डी. सतीसन को मिलेगा जनता और सहयोगियों का साथ? 

  • वी.डी. सतीसन ने इस चुनाव में विपक्ष के नेता के तौर पर गठबंधन को आगे रहकर लीड किया। उन्होंने अपनी पारवूर सीट से बहुत ही शानदार जीत दर्ज की है।
  • ऐसा माना जा रहा है कि सतीसन के पास कांग्रेस के जीते हुए विधायकों का बहुत ज्यादा समर्थन नहीं है।
  • इसके बावजूद उनके समर्थकों का दावा है कि उन्हें गठबंधन के सबसे बड़े सहयोगी दल 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' और आम जनता का पूरा साथ मिला है।
  • सतीसन के गढ़ एर्नाकुलम से जीते एक नेता का कहना है कि 2021 में वामपंथी दल (LDF) से हारने के बाद सतीसन ने ही पार्टी को संभाला और इस शानदार जीत तक पहुंचाया है, इसलिए जनता की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।



बिना चुनाव लड़े भी केसी वेणुगोपाल रेस में कैसे हैं सबसे आगे?

  • अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने खुद यह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था।
  • इसके बावजूद वह मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रबल और मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
  • उनके समर्थकों का कहना है कि मुख्यमंत्री चुनने के लिए सिर्फ लोकप्रियता काफी नहीं है, बल्कि पार्टी के विधायकों का साथ होना बहुत जरूरी है।
  • केरल में कांग्रेस के पास अकेले 63 विधायक हैं और दावा है कि इनमें से ज्यादातर विधायक वेणुगोपाल को ही मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं।
  • वेणुगोपाल को राहुल गांधी का बेहद वफादार और करीबी माना जाता है, इसलिए उनकी दावेदारी सबसे ज्यादा मजबूत है।


पार्टी की ऐतिहासिक जीत में वेणुगोपाल की क्या रही है भूमिका?
 वेणुगोपाल के करीबियों का दावा है कि इस जीत के पीछे असली मेहनत उन्हीं की है और उन्होंने चुनाव में बहुत अहम भूमिका निभाई है। राज्य में 'इंदिरा गारंटी' अभियान को घर-घर तक पहुंचाने और सफल बनाने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका रही। उन्होंने ही पूरे राज्य में लोगों के बीच सर्वे कराकर एकदम सही उम्मीदवारों का चुनाव किया। चुनाव के दौरान पार्टी के अंदर चल रहे झगड़ों को दूर करने, बागियों को रोकने और तीन स्तर की निगरानी प्रणाली बनाने का काम भी उन्होंने ही किया। वेणुगोपाल ने ही सभी सहयोगी दलों को एक साथ जोड़े रखा और सीपीआई (एम) के नाराज नेताओं को अपने गठबंधन में शामिल किया।



कुर्सी के लिए तेज हुई गुटबाजी, अब क्या करेगा कांग्रेस आलाकमान? 
कुर्सी की इस रेस में शामिल तीनों नेताओं के समर्थक अब पूरी तरह से खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में समर्थक अपने-अपने नेताओं को मुख्यमंत्री बनाने की मांग वाले पोस्टर लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी तीनों नेताओं के पक्ष में बहुत ही जोरदार अभियान चलाया जा रहा है। एर्नाकुलम में सतीसन और नई दिल्ली में वेणुगोपाल के सम्मान में बड़े-बड़े स्वागत समारोह भी रखे गए हैं। अब पूरे राज्य की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आलाकमान विधायकों की राय जानने के बाद इन तीनों दिग्गजों में से किसके सिर पर केरल के मुख्यमंत्री का ताज पहनाता है।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed