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कांग्रेस का आरोप: वित्त मंत्री को अर्थव्यवस्था की समझ नहीं, फिर दी 'कर्ज की खुराक'

Mon, 28 Jun 2021 06:37 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 28 Jun 2021 06:37 PM IST
सार

केंद्र द्वारा सोमवार को घोषित आर्थिक पैकेज को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि लोगों को कर्ज की खुराक नहीं बल्कि मदद के रूप में जेब में रुपये डालने की जरूरत है। 
 

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Congress alleged: Finance Minister does not understand the economy, again gave a dose of debt
गौरव वल्लभ (फाइल फोटो) - फोटो : INC

विस्तार

कांग्रेस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से 1.1 लाख करोड़ रुपये की ऋण गारंटी योजना समेत कई कदमों की घोषणा किए जाने के बाद सोमवार को आरोप लगाया कि वित्त मंत्री को अर्थव्यवस्था की समझ नहीं है। वित्त मंत्री ने मांग बढ़ाने एवं लोगों की सीधी मदद करने की बजाय फिर से 'कर्ज की खुराक' दी है।

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कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने संवाददाताओं से कहा, 'वित्त मंत्री के संवाददाता सम्मेलन को मैंने गौर से सुना। आज अर्थव्यवस्था की बुनियादी समस्या-कम जीडीपी, अधिक महंगाई, कम मांग और बढ़ती बेरोजगारी है, लेकिन यही बात वित्त मंत्री जी को समझ नहीं आ रही है। आज फिर उन्होंने इस बारे में कोई बात नहीं की।'
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उन्होंने दावा किया, 'कर्ज की खुराक के मॉडल का परिणाम सबको पता चल गया है। लोगों को कर्ज की खुराक की नहीं, बल्कि मदद की जरूरत है। लोग उम्मीद कर रहे थे कि आप लोगों की आर्थिक मदद करेंगी, लोगों की जेब में पैसा डालने की बात करेंगी।
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वल्लभ ने आरोप लगाया, 'साल 2020 में घोषित कर्ज की खुराक वाले 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की तरह आज फिर से गलती की गई। लगता है कि वित्त मंत्री जी को अर्थव्यवस्था की समझ नहीं है।' उन्होंने सवाल किया कि ये कौन लोग हैं, जो वित्त मंत्री को 'कर्ज की खुराक' की सलाह दे रहे हैं।

वित्त मंत्री ने इन बातों का जवाब नहीं दिया

कांग्रेस प्रवक्ता के मुताबिक, 'जीडीपी क्यों गिर रही है? महंगाई दर क्यों बढ़ रही है और इसे कम कैसे किया जाएगा? मांग में लगातार कमी आ रही है, मांग बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? बेरोजगार लोगों की मदद के लिए क्या किया जा रहा है? वित्त मंत्री ने इस बारे में क्यों बात नहीं की।' उन्होंने कहा कि सरकार को समझना होगा कि इन बिंदुओं पर ध्यान दिए बिना अर्थव्यवस्था को पटरी पर नहीं लाया जा सकता।

किसानों से बात करने का सरकार के पास वक्त नहीं
किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार के कदमों के बारे में पूछे जाने पर वल्लभ ने कहा, 'पिछले सात महीनों में हमारे अन्नदाता दिल्ली के निकट बैठे हुए हैं। सरकार के पास समय नहीं है कि वह उनकी बात सुन ले, हमारी मांग है कि सरकार को अहंकार छोड़कर किसानों की बात सुननी चाहिए।'

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोविड महामारी से प्रभावित देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के इरादे से सोमवार को एक और पैकेज की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए आपातकाल ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत सीमा 50 प्रतिशत बढ़ाकर 4.5 लाख करोड़ रुपये करने का भी एलान किया।

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