Congress Crisis: राजस्थान नेतृत्व की फजीहत, कई चुनौतियों में उलझी कांग्रेस, सोनिया नाराज
कांग्रेस नेतृत्व के सामने अभी तक राजस्थान के लिए नए मुख्यमंत्री का चयन एक चुनौती थी, लेकिन अब एक साथ कई चुनौतियों का सामना करना होगा।
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कांग्रेस जिन अशोक गहलोत को पार्टी का नेतृत्व सौंपने की तैयारी में लग गई थी, उनके समर्थक विधायकों ने ही नेतृत्व की फजीहत और मुसीबत बना दी है। रविवार शाम से देर रात तक जिस तरह का घटनाक्रम जयपुर में चला, उससे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बेहद नाराज हैं। गहलोत के समर्थन और सचिन पायलट के खिलाफ 92 विधायकों की बगावत से दिल्ली और केरल तक हंगामा मच गया। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी के कहने पर यात्रा में शामिल के सी वेणुगोपाल ने गहलोत और पायलट से बात की। अब नेतृत्व को भी नहीं सूझ रहा है कि आखिर इस बार मनाना किसे है।
नेतृत्व के सामने अभी तक राजस्थान के लिए नए मुख्यमंत्री का चयन एक चुनौती थी, लेकिन अब एक साथ कई चुनौतियों का सामना करना होगा। जिस तरह खुलकर गहलोत के समर्थन में विधायकों ने नाराजगी जताई है। उसके बाद उन्हें पार्टी अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी देने और सबको साथ लेकर चलना सबसे बड़ी चुनौती होगी। वहीं जिस तरह पायलट के खिलाफ विधायक खड़े हुए हैं, उस हालत में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपना और पायलट को इस पद को स्वीकार करने के लिए मना लेना भी चुनौती है।
10-15 विधायकों की हो रही सुनवाई
मंत्री शांति धारीवाल के घर पर सामूहिक इस्तीफा देने और विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने की रणनीति बनी। मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, 10-15 विधायकों (पायलट गुट) की सुनवाई हो रही है, जबकि हमारी उपेक्षा की जा रही है।
निर्दलीय विधायकों ने भी दी इस्तीफे की धमकी
निर्दलीय विधायक और सीएम के सलाहकार संयम लोढ़ा मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय और गोविंद राम मेघवाल ने भी गहलोत को ही सीएम बनाए रखने की पैरवी की।
गहलोत-पायलट दिल्ली तलब : कांग्रेस सूत्रों ने कहा, विधायकों की बगावत के बाद कांग्रेस आलाकमान ने अशोक गहलोत, सचिन पायलट, को वार्ता के लिए दिल्ली बुलाया है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई।