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कंपनी कानून संशोधन विधेयक संसद में हुआ पास
एजेंसी / नई दिल्ली
Updated Wed, 20 Dec 2017 01:10 AM IST
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कॉरपोरेट क्षेत्र में सुशासन के मानकों को मजबूती देने वाले कंपनी कानून संशोधन विधेयक को संसद ने मंगलवार को अपनी मंजूरी दे दी। नए संशोधन में डिफॉल्टर कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधान के अलावा देश में कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने में मदद करने का प्रावधान है। राज्यसभा में मंगलवार को ध्वनिमत से कंपनी संशोधन बिल-2017 पास हो गया। लोकसभा में यह जुलाई में मानसून सत्र में ही पास हो चुका है।
सदन में इस पर चर्चा के दौरान जवाब देते हुए कॉरपोरेट मामलों के राज्यमंत्री पीपी चौधरी ने कहा कि नए कानून में कॉरपोरेट क्षेत्र में सुशासन को मजबूती मिलेगी और देश में कारोबार करना सुगम होगा। कंपनी कानून-2013 के इस बिल में 40 से ज्यादा संशोधन किए गए हैं, जिसे पिछली यूपीए की सरकार ने पास किया था।
पढ़ें- भूषण स्टील, भूषण पॉवर एंड स्टील पर होगी दिवालिया होने की कार्रवाई
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छोटी और मझोली कंपनियों के लिए अलग कानून बने : चिदंबरम
पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने छोटी और मझोली कंपनियों के लिए अलग कानून बनाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि छोटी-बड़ी सभी कंपनियों को एक ही कंपनी कानून से नहीं चलाया जा सकता। राज्यसभा में बिल पर चर्चा के दौरान चिदंबरम ने अलग कानून की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि व्यापक कानून केवल बड़ी कंपनियों पर लागू हो।
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सदन में इस पर चर्चा के दौरान जवाब देते हुए कॉरपोरेट मामलों के राज्यमंत्री पीपी चौधरी ने कहा कि नए कानून में कॉरपोरेट क्षेत्र में सुशासन को मजबूती मिलेगी और देश में कारोबार करना सुगम होगा। कंपनी कानून-2013 के इस बिल में 40 से ज्यादा संशोधन किए गए हैं, जिसे पिछली यूपीए की सरकार ने पास किया था।
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पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने छोटी और मझोली कंपनियों के लिए अलग कानून बनाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि छोटी-बड़ी सभी कंपनियों को एक ही कंपनी कानून से नहीं चलाया जा सकता। राज्यसभा में बिल पर चर्चा के दौरान चिदंबरम ने अलग कानून की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि व्यापक कानून केवल बड़ी कंपनियों पर लागू हो।