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कंडोम-डायपर के साथ अब डिस्पोजल पाउच भी मिलेगा

Wed, 06 Apr 2016 04:34 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 06 Apr 2016 04:34 PM IST
सार

  • कंडोम,डायपर,सेनिटरी पैड के निपटारे के लिए उत्पाद के साथ पाउच भी देना होगा।
  • खुले स्थान पर कचरा जलाया जाना अपराध 

Companies to give pouch for disposal with condom-diapers
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोसेसिंग प्लांट - फोटो : file photo

विस्तार

अब कंपनियों को कंडोम,डायपर,सेनिटरी पैड को इस्तेमााल के बाद उसके डिस्पोजल के लिए उत्पाद  के साथ ही पाउच भी देना होगा। पर्यावरण मंत्रालय ने इसको सख्ती से लागू करने के लिए आदेश पारित कर दिया है। मंत्रालय ने ठोस कचरा प्रबंधन के नए नियमों में इस बात का जोड़ा है।



मंत्रालय के सूत्रों  के अनुसार कूड़ा बीनने वालों को ध्यान में रखते हुए इस नियम को जोड़ा गया है ता‌कि उन्हें इन चीजो को उठाने में कोई कष्ट न हो। साथ ही मंत्रालय ने नए नियमों के तहत निर्माताओं और मार्केटिंग कंपनियों से आस लगायी है कि वह उपभोक्ताओं को पाउच का इस्तेमाल करने का सही तरीका सिखाएगी।


नए नियम को देशभर में लागू किया जा रहा है और इसे लोकल सिविक अथॉरिटी के अधीन लागू किया जाएगा। गौरतलब है कि लोकल सिविक अथॉरिटी ही कूड़ा करने वालों से जुर्माना लेने के लिए जिम्मेदार होती है और वह मौके पर चेक कर कूड़े का सही से निपटारा न करने पर जुर्माना वसूलती है। चूंक‌ि ये नियम मंगलवार से लागू हुआ है इस लिए लोकल अथॉरिटी और पंचायत को ठोस कचरा प्रबंधन करने के लिए छह माह का समय दिया गया है ताकि सही तरीका अपनाकर कूड़े को फैलने और निपटारे के काम का प्लान तैयार किया जा सके।

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खुले स्थान पर कचरा जलाया जाना अपराध 

Companies to give pouch for disposal with condom-diapers
prakash

पर्यावरण राज्य मंत्री प्रकाश जावडेकर ने ठोस कचरा प्रबंधन की नई नियमावली जारी करते ठोस कचरा फैलाने वाले लोगों के शुल्क लगाए जाने के भी संकेत दिए। इस नियमावली को 16 साल बाद बदला गया है।

जावडेकर ने कहा कि देश में कुछ स्थानीय निकाय कचरा प्रबंधन के लिए लोगों से शुल्क की वसूली कर रहे हैं। थोक कचरा उत्पादन के लिए जिम्मेदार उद्योगों, होटलों और अन्य संस्थानों के लिए उपभोक्ता शुल्क अनिवार्य किया गया है। नई नियमावली के तहत औद्योगिक टाउनशिप, रक्षा प्रतिष्ठानों, रेलवे के क्षेत्र, एयरपोर्ट को भी कचरा प्रबंधन के नियमों के दायरे में लाया गया है।

खुले स्थान पर कचरा जलाए जाने को अपराध की श्रेणी में लाया गया है। जावडेकर ने कहा कि खुले स्थान पर सेनेटरी, नैपकिन और डायपर को जमा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इन उत्पादों के उत्पादकों से इनके प्रबंधन के लिए कहा जाएगा। इस कचरे से कचरा उठाने वालों में बीमारियां फैलती हैं और पर्यावरण को भी नुकसान होता है। 

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