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मानसून सत्र में आम लोगों को नहीं मिलेगी एंट्री, सांसदों को बैठकर की बोलने की अनुमति: लोकसभा स्पीकर
Sat, 29 Aug 2020 12:59 AM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Sat, 29 Aug 2020 12:59 AM IST
सार
- संक्रमण न फैले तथा संसद चले: लोक सभा अध्यक्ष
- सभी सांसदों से कोविड-19 टेस्ट करवाने का आग्रह किया जाएगा
- कोविड-19 के मद्देनजर कई अन्य व्यवस्थाओं में बदलाव
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (फाइल)
- फोटो : Om Birla Twitter
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विस्तार
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच संसद के मानसून सत्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कड़े सुरक्षा इंतजामों और बदलावों के साथ जल्दी ही संसद का यह सत्र शुरू हो सकता है। इसी को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सत्र से संबंधित तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आज स्वास्थ्य मंत्रालय, एम्स, आईसीएमआर, डीआरडीओ एवं दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों के साथ बैठक की।
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बैठक के दौरान बिड़ला ने निर्देश दिया कि संसद के मानसून सत्र के मद्देनजर स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए और संसद परिसर में भी स्वास्थ्य जांच के लिए व्यापक इंतजाम किए जाएं। बिड़ला ने कहा कि संक्रमण न फैले तथा सत्र सही से चले, इसके लिए विशेषज्ञों के सुझाव अनुसार सारी तैयारी की जाएंगी तथा संसद परिसर के भीतर व्यापक सुरक्षा प्रबंधों किए जाएंगे।
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सदन के बाहर होगी इमरजेंसी मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था
सभी सांसदों से आग्रह किया जाएगा कि वे अपना कोविड-19 टेस्ट कराएं। लोकसभा स्पीकर के निर्देशानुसार कोरोना संक्रमण से बचाव के हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। इसके लिए संसद परिसर तथा संसद भवन में प्रवेश के समय थर्मल गन और थर्मल स्कैनर से तापमान की जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त संसद परिसर में सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की जाएगी। 40 स्थानों पर टचलैस सैनिटाइजर लगाए जाएंगे तथा इमरजेंसी मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी। पूरे परिसर में कोविड-19 से बचाव के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
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बैठकर बोल सकेंगे सांसद
लोकसभा चैम्बर में सामाजिक दूरी और अन्य दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। सांसदों को अपनी बात बैठकर रखने की अनुमति भी दी जा रही है ताकि खड़े होकर बोलने पर संक्रमण के किसी खतरे की गुंजाइश नहीं रहे। इस बार संसद सत्र के दौरान आम लोगों को संसद परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कोरोना के संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए यह निर्णय किया गया है। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए दर्शक दीर्घाओं में सांसदों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी।
मीडियाकर्मियों के लिए कोविड टेस्ट अनिवार्य होगा
बिड़ला ने यह भी निर्देश दिया कि मानसून सत्र के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी की जाए। इस संदर्भ में, कर्मचारियों के लिए विस्तृत गाइडलाइन बनाई जा रही है। आवश्यकता होने पर कर्मचारियों की संख्या भी कम की जा सकती है। मंत्रालयों की अधिकारियों एवं सांसदों के स्टाफ की भी जांच की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, लोकसभा व राज्यसभा के मीडियाकर्मियों की अधिकतम संख्या 100 तक रखने का प्रस्ताव है। मीडियाकर्मियों का भी कोविड टेस्ट अनिवार्य होगा।
कांग्रेस सांसद बोले, प्रश्नकाल रद्द न हो
मानसून सत्र से पहले कांग्रेस सांसदों ने शुक्रवार को अपील की कि प्रश्नकाल संसदीय प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे रद्द नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने ट्विटर पर लिखा, प्रश्नकाल संसद में एक बहुत महत्वपूर्ण अधिकार है। पहले भी इसके महत्व को स्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा, संसद का सत्र सिर्फ सरकार के कामकाज को आगे बढ़ाने के लिए नहीं होना चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि स्पीकर प्रश्नकाल का ध्यान रखेंगे और सांसदों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। वहीं लोकसभा में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी अध्यक्ष से प्रश्नकाल को कार्यवाही में शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा, दुनिया भर में संसद पूरी तरह काम कर रही हैं। भारत को इसमें आगे रहना होगा हम पिछड़ नहीं सकते।