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नोटबंदी की मार: इलाज के अभाव में मर रहे लोग, बेटी की डोली से पहले उठी बाप की अर्थी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Nov 2016 05:22 AM IST
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नोटबंदी जानलेवा होती जा रही है। मुरादाबाद मंडल के तीन अन्य लोगों की मौत की वजह नए नोटों का उपलब्ध न हो जाना बताई गई है। बिलारी के कोतवाली के अबूपुरा खुर्द गांव में ब्रह्मपाल सिंह की 60 वर्षीय मां चंद्रवती के शरीर में तेज दर्द होने की शिकायत पर दो दिन पहले परिजन उसे मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल ले गए। चिकित्सक ने वृद्धा को देखने के बाद उसके दिल, लीवर, गुर्दा और शुगर की जांच कराकर लाने को कहा।
ब्रह्मपाल के मुताबिक मुरादाबाद में जिस लैब पर भी जांच के लिए गए, वहीं उनसे खुले हुए छोटे रुपये मांगे गए जबकि उनके पास पांच-पांच सौ के ही पुराने नोट थे। परेशान परिजन बृहस्पतिवार शाम चंद्रवती को घर ले आए और रात में उनकी मौत हो गई। वृद्धा की मौत पर उसके पति बाबूराम समेत बेटे और बेटियों का रो रोकर बुरा हाल है।
बेटी की शादी के लिए बैंक से रुपये निकालने गए शख्स की मौत
रामपुर के स्वार में बेटी की शादी के लिए बैंक से रुपये निकालने गए 60 वर्षीय भूप सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनको सीएचसी ले जाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया था, लेकिन बृहस्पतिवार की रात में हालत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। बताते हैं कि वृद्ध की बेटी की शादी दो माह बाद होनी है।
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डाक्टर ने मांगे छोटे नोट, इलाज नहीं मिला, युवक की मौत
अमरोहा के बछरायूं क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर में बुखार पीड़ित घासीराम (35) की मौत छोटे नोट न होने की वजह से हो गई। घासीराम को तीन दिन पहले बुखार आया था। स्थानीय उपचार से फायदा नहीं हुआ। गुरुवार रात परिजन उसको उपचार के लिए गजरौला के एक चिकित्सक के यहां ले गए। आरोप है कि चिकित्सक ने परिजनों से खुले नोट देने को कहा। असमर्थ और हताश परिजन बीमार युवक को लेकर गांव वापस आ गए। शुक्रवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।
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ब्रह्मपाल के मुताबिक मुरादाबाद में जिस लैब पर भी जांच के लिए गए, वहीं उनसे खुले हुए छोटे रुपये मांगे गए जबकि उनके पास पांच-पांच सौ के ही पुराने नोट थे। परेशान परिजन बृहस्पतिवार शाम चंद्रवती को घर ले आए और रात में उनकी मौत हो गई। वृद्धा की मौत पर उसके पति बाबूराम समेत बेटे और बेटियों का रो रोकर बुरा हाल है।
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बेटी की शादी के लिए बैंक से रुपये निकालने गए शख्स की मौत
रामपुर के स्वार में बेटी की शादी के लिए बैंक से रुपये निकालने गए 60 वर्षीय भूप सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनको सीएचसी ले जाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया था, लेकिन बृहस्पतिवार की रात में हालत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। बताते हैं कि वृद्ध की बेटी की शादी दो माह बाद होनी है।
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डाक्टर ने मांगे छोटे नोट, इलाज नहीं मिला, युवक की मौत
अमरोहा के बछरायूं क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर में बुखार पीड़ित घासीराम (35) की मौत छोटे नोट न होने की वजह से हो गई। घासीराम को तीन दिन पहले बुखार आया था। स्थानीय उपचार से फायदा नहीं हुआ। गुरुवार रात परिजन उसको उपचार के लिए गजरौला के एक चिकित्सक के यहां ले गए। आरोप है कि चिकित्सक ने परिजनों से खुले नोट देने को कहा। असमर्थ और हताश परिजन बीमार युवक को लेकर गांव वापस आ गए। शुक्रवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।
बैंक की लाइन में लगे वृद्ध की बिगड़ी तबीयत, मौत
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फिरोजाबाद में बैंक के बाहर नोट बदलने के लिए लाइन में खड़े वृद्ध की तबीयत खराब हो गई। परिवारीजन रिश्तेदार के घर ले गए वहां उनकी मौत हो गई। आक्रोशित लोगों ने हाईवे पर जाम लगा कर प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
रामगढ़ थाना क्षेत्र के मोहल्ला ऊर्दूनगर निवासी मुकीम का कहना है कि पिता तमन्ना शाह (70) सुबह करीब चार बजे मां गुड्डू देवी के साथ रामगढ़ स्थित गुड्डू मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के बाहर कतार में लग गए थे। खाता मां के नाम है। पांच बजे करीब मुकीम भी पत्नी तब्बसुम और भाई मुफीद के साथ पैसे बदलने बैंक पहुंच गया।
दोपहर करीब एक बजे तमन्नाशाह ने बताया कि घबराहट हो रही है, मुफीद पिता को लेकर घर चल दिया। रास्ते में तबीयत बिगड़ी तो मुफीद रास्ते में शब्बीर की हवेली मोहल्ला गालिब नगर निवासी फूफा अनीश के घर पिता को लेकर पहुंचा। यहां तमन्नाशाह की मौत हो गई। लाइन में घंटों खड़े होने के कारण बीमार होने और फिर मौत की घटना से गुस्साए लोगों ने कोहेनूर रोड पर हाईवे जाम कर दिया।
प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। थाना रामगढ़ पुलिस ने जाम खुलवा दिया। परिवारीजन तमन्नाशाह का शव लेकर अपने घर पहुंचे। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा।
रामगढ़ थाना क्षेत्र के मोहल्ला ऊर्दूनगर निवासी मुकीम का कहना है कि पिता तमन्ना शाह (70) सुबह करीब चार बजे मां गुड्डू देवी के साथ रामगढ़ स्थित गुड्डू मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के बाहर कतार में लग गए थे। खाता मां के नाम है। पांच बजे करीब मुकीम भी पत्नी तब्बसुम और भाई मुफीद के साथ पैसे बदलने बैंक पहुंच गया।
दोपहर करीब एक बजे तमन्नाशाह ने बताया कि घबराहट हो रही है, मुफीद पिता को लेकर घर चल दिया। रास्ते में तबीयत बिगड़ी तो मुफीद रास्ते में शब्बीर की हवेली मोहल्ला गालिब नगर निवासी फूफा अनीश के घर पिता को लेकर पहुंचा। यहां तमन्नाशाह की मौत हो गई। लाइन में घंटों खड़े होने के कारण बीमार होने और फिर मौत की घटना से गुस्साए लोगों ने कोहेनूर रोड पर हाईवे जाम कर दिया।
प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। थाना रामगढ़ पुलिस ने जाम खुलवा दिया। परिवारीजन तमन्नाशाह का शव लेकर अपने घर पहुंचे। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा।
तीन दिन से लगा रहा था बैंक का चक्कर
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मुकीम का आरोप है कि पिता के नाम कोई बैंक खाता नहीं था। जनधन योजना के तहत मां गुड्डो देवी ने अपना खाता खुलवाया था। दो दिन पूर्व मां और पिता रुपये जमा करने के लिए गए थे। बैंक कर्मचारियों ने रुपये लेने से इनकार कर दिया। गुरुवार को भी बैंक गए, लेकिन न तो रुपये जमा हो सके और न ही बदले गए। शुक्रवार सुबह फिर तड़के ही बैंक पहुंच गए थे। पिता तमन्नाशाह की पहचान क्षेत्र में नल मिस्त्री के रुप में थी।
बेटी की डोली से पहले उठी बाप की अर्थी
अलीगढ़ में महानगर के नगला मानसिंह में बेटी की शादी की तैयारियों में जुटे पिता की तीन दिन पहले हृदयगति रुकने से मौत हो गई। इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। परिवार व मोहल्ले से मिली जानकारी के अनुसार बैंक से रुपये न मिल पाने के कारण वह बेहद चिंता में था, इसलिए उसकी मौत हो गई।
नगला मानसिंह निवासी बाबूलाल की बेटी की शादी 25 नवंबर को होनी है। बाप अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में जुटा था। शादी के कार्ड भी बंट रहे थे, इसी दौरान अचानक नोटबंदी का आदेश आ गया। उसने इधर उधर से पैसे जुटाए थे। यह आदेश आते ही वह परेशान हो उठा। फिर रकम बदलने के लिए लगातार इधर-उधर प्रयासरत हुआ। बैंकों के चक्कर भी लगाए। मगर सफलता नहीं मिल पा रही थी। इसी परेशानी में तीन दिन पहले उसकी अचानक घर में ही हृदयाघात से मौत हो गई। परिजनों में मौत के बाद कोहराम है। अब गमगीन माहौल में बेटी की शादी की तैयारी चल रही है।
बेटी की डोली से पहले उठी बाप की अर्थी
अलीगढ़ में महानगर के नगला मानसिंह में बेटी की शादी की तैयारियों में जुटे पिता की तीन दिन पहले हृदयगति रुकने से मौत हो गई। इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। परिवार व मोहल्ले से मिली जानकारी के अनुसार बैंक से रुपये न मिल पाने के कारण वह बेहद चिंता में था, इसलिए उसकी मौत हो गई।
नगला मानसिंह निवासी बाबूलाल की बेटी की शादी 25 नवंबर को होनी है। बाप अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में जुटा था। शादी के कार्ड भी बंट रहे थे, इसी दौरान अचानक नोटबंदी का आदेश आ गया। उसने इधर उधर से पैसे जुटाए थे। यह आदेश आते ही वह परेशान हो उठा। फिर रकम बदलने के लिए लगातार इधर-उधर प्रयासरत हुआ। बैंकों के चक्कर भी लगाए। मगर सफलता नहीं मिल पा रही थी। इसी परेशानी में तीन दिन पहले उसकी अचानक घर में ही हृदयाघात से मौत हो गई। परिजनों में मौत के बाद कोहराम है। अब गमगीन माहौल में बेटी की शादी की तैयारी चल रही है।
प्रबंधक को बनाया बंधक, सड़क जाम
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- फोटो : अमर उजाला
कई-कई दिन लाइन में लगने के बाद भी रुपये न मिलने पर जौनपुर में शुक्रवार को लोगों ने काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक को बंधक बना लिया। इस दौरान पुलिस लाठी चार्ज में छह लोग चोटिल हो गए। आजमगढ़ में जहानागंज, मुबारकपुर में रुपये न मिलने से परेशान लोगों ने सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने लाठियां भांजकर जाम समाप्त कराया। उधर, नोटबंदी से हो रही परेशानी के विरोध में भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रधानमंत्री का पुतला फूंका।
कई दिन लाइन लगाने के बाद भी रुपये न मिलने से परेशान लोगों ने जौनपुर के तियरा बाजार स्थित काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक का ताला नहीं खुलने दिया। जब शाखा प्रबंधक पहुंचे तो उनको बंधक बना लिया। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें छह लोग चोटिल हो गए। करीब 12:30 बजे बैंक खुला तो सौ लोगों को दो-दो हजार भुगतान किया गया। इसके बाद कैश खत्म हो गया।
आजमगढ़ के खुझिया बाजार में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में कैश नहीं मिलने पर लोगों ने बैंक के सामने दो घंटे सड़क जाम कर दी। पुलिस ने लाठियां भांजकर जाम समाप्त कराया। जहानागंज में यूबीआई शाखा मंदे पर जब पता चला कि कैश नहीं बंटेगा लोगों ने आजमगढ़-गाजीपुर मार्ग जाम कर दिया। उधर, नोटबंदी से हो रही परेशानियों के विरोध में भाकपा माले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका।
कई दिन लाइन लगाने के बाद भी रुपये न मिलने से परेशान लोगों ने जौनपुर के तियरा बाजार स्थित काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक का ताला नहीं खुलने दिया। जब शाखा प्रबंधक पहुंचे तो उनको बंधक बना लिया। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें छह लोग चोटिल हो गए। करीब 12:30 बजे बैंक खुला तो सौ लोगों को दो-दो हजार भुगतान किया गया। इसके बाद कैश खत्म हो गया।
आजमगढ़ के खुझिया बाजार में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में कैश नहीं मिलने पर लोगों ने बैंक के सामने दो घंटे सड़क जाम कर दी। पुलिस ने लाठियां भांजकर जाम समाप्त कराया। जहानागंज में यूबीआई शाखा मंदे पर जब पता चला कि कैश नहीं बंटेगा लोगों ने आजमगढ़-गाजीपुर मार्ग जाम कर दिया। उधर, नोटबंदी से हो रही परेशानियों के विरोध में भाकपा माले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका।