कोल ब्लॉक घोटाले में जेआईपीएल के दोनों निदेशकों पर पांच-पांच लाख का जुर्माना
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झारखंड के नॉर्थ धांदू में धोखाधड़ी से कोल ब्लॉक हासिल करने के मामले में दोषी कंपनी झारखंड इस्पात के दो निदेशकों को विशेष सीबीआई अदालत ने चार-चार साल कैद व पांच-पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी कंपनी पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज भरत पराशर ने झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड (जेआईपीएल) के निदेशक आरसी रुंगटा व आरएस रुंगटा को धोखाधड़ी के लिए चार-चार साल कैद व ढाई-ढाई लाख रुपये जुर्माना व आपराधिक साजिश के लिए चार-चार साल कैद व ढाई-ढाई लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने मामले में 28 मार्च को दोनों आरोपियों को दोषी ठहराने के बाद सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोयला घोटालों के मामलों में यह पहली सजा है। सीबीआई कोर्ट में अभी 21 मामले विचाराधीन हैं। सीबीआई ने कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच शुरू की थी। सीएजी (कैग) के मुताबिक इस घोटाले से देश को 1.86 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। सीबीआई ने दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग करते हुए कहा था कि कंपनी व उसके दोनों निदेशकों ने साजिश रचकर आर्थिक अपराध किया है। ऐसे में उनके साथ नरमी न बरतते हुए कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
पेश मामले में आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने कहा था कि कंपनी ने कोयला मंत्रालय के समक्ष जमीन व कोयला ब्लॉक की क्षमता के बारे में गलत दस्तावेज पेश किए थे। इन गलत दस्तावेज के आधार पर स्क्रीनिंग कमेटी ने कंपनी को झारखंड के उत्तरी धांदू में कोल ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश की थी। इस सिफारिश पर कोयला मंत्री ने अपनी मुहर लगा दी थी।