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शाह के दौरे से बढ़ा राजे का आत्मविश्वास, राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाएं धूमिल

Mon, 31 Jul 2017 08:51 PM IST
संजय मिश्र/ नई दिल्ली 
संजय मिश्र/ नई दिल्ली  Updated Mon, 31 Jul 2017 08:51 PM IST
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CM Vasundhara Raje's confidence boosted after Amit Shah's Jaipur visit
- फोटो : vasundhra raje

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के राजस्थान दौरे के बाद से वहां की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का आत्मविश्वास बढ़ा है। राजे के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे पार्टी नेताओं को शाह के दौरे से जहां एक ओर निराशा हाथ लगी है। तो दूसरी ओर राजे दोबारा से मजबूत होकर उभरी हैं। दरअसल 22 जुलाई से तीन दिन के राजस्थान प्रवास के दौरान शाह ने नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रहीं अटकलों से संशय हटाते हुए सूबे के नेताओं को स्पष्ट कर दिया है कि राजे के नेतृत्व में ही पार्टी अगले विधानसभा चुनाव का सामना करेगी। 

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शाह के इस बोल के बाद नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाएं अब धूमिल हो गई हैं। दरअसल राजे की कार्यप्रणाली से प्रदेश भाजपा का एक बड़ा वर्ग नाराज है। अक्सर इस बात की चर्चा रहती है कि पीएम मोदी के करीबी मानें जाने वाले यूपी भाजपा के प्रभारी ओम माथुर को राजे की जगह सूबे का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इसके मद्देनजर राज्य भाजपा के राजे से नाराज नेता भी माथुर के करीब आकर जुटने लगे थे। मगर शाह के राजस्थान दौरे के बाद से स्थितियां बदली हुई हैं। 
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राजस्थान की राजनीति पर पार्टी के एक महासचिव का कहना है कि शाह के दौरे के ठीक बाद राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने दिल्ली आईं राजे के चेहरे को पढ़कर ही दिख रहा था कि उनका संकट टल गया है। 
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शाह के चुनावी गूर को विधायक कर रहे याद 
शाह का राजस्थान दौरा न सिर्फ राजे के लिए संतोषजनक रहा बल्कि राज्य भाजपा के विधायकों में भी भाजपा अध्यक्ष के दौरे से एक नया उत्साह जगा है। बूथ जीतने को लेकर शाह ने प्रदेश भाजपा के विधायकों को लेकर जो गूर सिखाए हैं। उससे अधिकांश विधायक शाह के चुनावी मंत्रों से अभिभूत हैं। 

शाह की बैठकों में शामिल एक विधायक का कहना है कि यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष की रणनीति का 50 प्रतिशत भी हमने पालन कर लिया। तो चुनाव में कोई मात नहीं दे सकता है। दरअसल तीन दिनों के राजस्थान दौरे के दौरान शाह ने संगठन के पेंच कसने के साथ वर्तमान विधायकों को भी नसीहत दी। चुनावी जीत के लिए शाह ने विधायकों को बूथ जीतने का गुरू मंत्र दिया। तो क्षेत्र में जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया। 


माथुर को मिल सकती है केंद्र सरकार में भूमिका 
राजस्थान में राजे की कुर्सी बरकरार रहने के बाद भाजपा आलाकमान यूपी प्रभारी ओम माथुर की नई भूमिका तय कर सकता है। संगठन से हटाकर उन्हें पीएम मोदी के अगले मंत्रीमंडल विस्तार में मंत्री बनाया जा सकता है। माथुर को पीएम मोदी का बेहद करीबी माना जाता है। गुजरात के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और यूपी में भाजपा की सरकार बनवाने में उनके सांगठनिक अनुभव की भूमिका अहम रही है। 

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