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देवेंद्र फडणवीस के ड्रीम प्रोजेक्ट को उद्धव ठाकरे की सरकार ने दिया झटका

Wed, 14 Oct 2020 09:36 PM IST
गौरव पाण्डेय सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 14 Oct 2020 09:36 PM IST
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CM Uddhav Thackeray targeted dream project of Devendra Fadnavis
देवेंद्र फडणवीस-उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो) - फोटो : social media

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस के जिस ड्रीम प्रोजेक्ट (जलयुक्त शिवार योजना) की जमकर प्रशंसा की थी, दूसरे दिन राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार ने उसी प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। इसे फडणवीस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 

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देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में सूखे को मात देने व पानी की किल्लत दूर करने के लिए गांव-गांव जलयुक्त शिवार योजना अमल में लाई थी। इसे उनका ड्रीम प्रोजेक्ट भी कहा जाता है। फडणवीस ने 2019 तक महाराष्ट्र को जलसंकट से मुक्त करने का प्रण लिया था। इस योजना में कुल 9634 करोड़ रुपए खर्च हुए। 
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कैग ने अपनी रिपोर्ट में इस योजना का जिक्र किया है कि खर्च की तुलना में इस योजना का काम जमीन पर नहीं दिखाई दे रहा है। कई जगह यह योजना फ्लाप रही है। इसी कैग की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इसकी जांच कराने का फैसला किया है।
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राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है जांच: आशिष शेलार
जलयुक्त शिवार योजना की जांच कराए जाने की घोषणा पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि यह योजना महाराष्ट्र के लिए संजीवनी साबित हुई है। जनसहभागिता से चलाई गई यह योजना गांव-गांव तक पहुंची जिसमें ग्रामीणों ने कठिन परिश्रम किया है। क्या उद्धव सरकार श्रमिकों की जांच कराएगी। शेलार ने कहा कि यह जांच राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। जबकि इस योजना में शिवसेना भी साथ थी।


जांच से सामने आएगा सच : जल संसाधन मंत्री

जलयुक्त शिवार योजना में भ्रष्टाचार की 700 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। कैग की रिपोर्ट में भी यह खुलासा हुआ है कि इस योजना में भ्रष्टाचार हुआ है। इस योजना में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का खर्च हुआ है लेकिन उतना काम जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। इसलिए मामले की जांच कराई जाएगी जिससे दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ जाएगा।
-शंकरराव गडाख, जल संसाधन मंत्री, महाराष्ट्र।

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