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त्रिपुरा हिंसा: सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर लगा था यूएपीए, सीएम ने दिए समीक्षा के आदेश
Sat, 27 Nov 2021 07:44 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 27 Nov 2021 07:44 PM IST
सार
डीजीपी ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हमने हमने ऐसे लोगों पर आईपीसी के अलावा यूएपीए भी लगाया।
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DGP Tripura
- फोटो : ANI
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विस्तार
त्रिपुरा में हुई कथित हिंसा को लेकर पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की है। ऐसे लोगों पर यूएपीए भी लगाया गया था और अब सीएम ने इसकी समीक्षा के आदेश दिए हैं। राज्य के डीजीपी वी एस यादव ने शनिवार को कहा कि बांग्लादेश में हिंसा को लेकर त्रिपुरा में हिंसा कुछ घटनाएं जरूर हुई थीं। उसके बाद यहां हालात सामान्य थे लेकिन सोशल मीडिया पर फेक वीडियो और तस्वीरों के जरिए अफवाह फैलाई गई कि यहां मस्जिदों पर हमला किया गया और लोगों को मारा गया। लेकिन ये सब झूठ था।
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आईपीसी के अलावा यूएपीए भी लगा था
डीजीपी ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हमने ऐसे लोगों पर आईपीसी के अलावा यूएपीए भी लगाया। हमें यह भी पता चला था कि वायरल तस्वीरों और वीडियो के पीछे पाकिस्तान से जुड़े एक प्रतिबंधित संगठन का भी हाथ है। चूंकि यह प्रतिबंधित संगठन था इसलिए यूएपीए लागू करना जरूरी था।
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102 सोशल मीडिया पोस्ट हुए थे चिन्हित
उन्होंने कहा, हमने 102 सोशल मीडिया पोस्ट को चिन्हित किया था। इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी मामलों में यूएपीए लगेगा। सबूत होने पर ही ऐसा किया जाएगा। मैं व्यक्तिगत रूप से इस मामले की निगरानी कर रहा हूं। यूएपीए के तहत कार्रवाई तभी की जाएगी, जब इनके खिलाफ सबूत होंगे। डीजीपी ने कहा कि सीएम ने निर्देश दिया है कि पश्चिम अगरतला पुलिस स्टेशन में दर्ज ऐसे मामलों पर यूएपीए प्रावधानों की समीक्षा की जाए।
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