{"_id":"57d1f9874f1c1ba83031ae45","slug":"cm-fadnavis-meets-couple-boycotted-by-panchayat-and-performs-ganesh-pooja","type":"story","status":"publish","title_hn":"फडणवीस ने गांव से बहिष्कृत दंपति के साथ की गणेश पूजा","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
फडणवीस ने गांव से बहिष्कृत दंपति के साथ की गणेश पूजा
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
Updated Fri, 09 Sep 2016 07:41 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर भारत के खाप पंचायत की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी जाति पंचायत का नियम है। पंचायत का फरमान किसी भी गांव वालों को मानना जरूरी होता है। लेकिन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इसको अंगूठा दिखाते हुए गांव से बहिस्कृत एक दंपत्ति को अपने आवास पर बुलाया और उसके साथ गणपति की पूजा की। साथ ही, सिंधु दुर्ग जिले के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को हेवालेकर परिवार की शिकायत पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
महाराष्ट्र के कोकण में सिंध दुर्ग जिले के कुडाल तहसील स्थित महादेववाडी ग्राम निवासी परमानंद हेवालेकर और उनकी पत्नी अपने ग्रामवासियों की शिकायत लेकर मंत्रालय पहुंचे थे। इस दंपत्ति ने ऐसी तरकीब सोची जिससे उन्हें न केवल मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या बताने का अवसर मिला बल्कि मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा बंगले पर स्थापित भगवान गणेश की पूजा करने का भी मौका मिला। हेवालेकर दंपत्ति को बृहस्पतिवार की सुबह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने सरकारी आवास पर बुलाया और उनके हाथों से गणेश पूजा कराई।
विज्ञापन
दरअसल, गांववालों से परेशान हेवालेकर दंपति बुधवार दोपहर को गणेश मूर्ति लेकर मंत्रालय गेट पर आए थे। वे अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, लेकिन मंत्रालय के गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें गणेश मूर्ति लेकर अंदर नहीं जाने दिया। रात करीब नौ बजे मंत्रालय से बाहर निकल रहे पत्रकारों को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने गृह राज्य मंत्री (ग्रामीण) दीपक केसरकर को इसकी सूचना दी। केसरकर ने परमानंद हेवालेकर को अपने बंगले पर बुलाया और सिंधु दुर्ग के एसीपी से बात कर मामले की जानकारी ली।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री फडणवीस को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने मामले में दखल देते हुए दंपति के रहने की व्यवस्था की। गणेश मूर्ति को लेकर हेवालेकर दंपत्ति को मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ले जाया गया। जहां उन्हें भोजन कराया गया और रहने की व्यवस्था की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को सुबह दंपति को वर्षा बंगले पर बुलाया और वहां स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा की उनसे पूजा कराई। पूजा के बाद हेवालेकर दंपत्ति ने अपनी व्यथा मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।