मुख्यमंत्री के गढ़ में सबसे ज्यादा बिजली चोरी, खुद सीएम भी कर रहे समर्थन
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यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का एक बयान उनके गले की फांस बन सकता है, जिसमें वह बिजली चोरी करने वालों को शह देते दिख रहे हैं। खास बात ये है कि उनसे पहले उनके कैबिनेट मंत्री भी एक ऐसे ही बयान में बिजली चोरी करने वालों की तरफदारी कर चुके हैं।
गुरुवार को मुजफ्फरनगर में आयोजित चुनावी सभा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रदेश में बिजली की उपलब्धता पर बयान दे रहे थे। अखिलेश के अनुसार सपा सरकार में यूपी के अधिकतर जिलों में 22 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है, सीएम ने दावा किया अगर दोबारा यूपी में सपा गठबंधन की सरकार बनती है तो बिजली आपूर्ति 24 घंटे कर दी जाएगी।
बयान के दौरान ही मुख्यमंत्री यह भी कह गए कि हम तो कहते हैं कि हम तो कटिया को भी कुछ नहीं कह रहे हैं। बिजली आ रही है 24 घंटे ये इंतजाम किया जा रहा है। हालांकि अखिलेश का यह बयान चुनावी रैली के दौरान था लेकिन जब एक मुख्यमंत्री खुद कटिया से बिजली चोरी को संरक्षण देने की बात करे तो फिर बिजली चोरों को डर किसका रहेगा।
सीएम से पहले आजम भी कर चुके हैं बिजली चोरों का समर्थन
मुख्यमंत्री से पहले उनके कैबिनेट मंत्री और पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान भी बिजली चोरों के हिफाजत की बात कर चुके हैं। दो दिन पहले ही एक चुनावी सभा के दौरान आजम खान ने कहा कि हमने तो अपने यहां (रामपुर में) बिजली के तार अंडरग्राउंड ही नहीं कराए। पूरी हनक के साथ आजम ने दावा किया कि कभी आपके यहां बिजली वाले छापा मारने आते हैं, कोई ठेकेदार आता है आपके यहां बिजली वाला।
मंत्री और मुख्यमंत्री के इस बयान से साफ है कि यूपी में बिजली चोरों को किसी बात का डर नहीं है। क्योंकि जब प्रदेश के मुखिया और उनके सिपहसलार ही उन्हें संरक्षण दें तो फिर कोई क्या बिगाड़ सकता है।
बिजली चोरी को किस तरह सत्ता का संरक्षण प्राप्त है इसका अंदाजा कुछ खास जिलों के आंकड़े ही दे देते हैं। मसलन, यूपी में सबसे ज्यादा बिजली चोरी मुख्यमंत्री के गृह जिले इटावा में होती है जहां 70 फीसदी तक बिजली चोरी की जाती है।
इसके अलावा मुलायम सिंह के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में 67 फीसदी और कैबिनेट मंत्री आजम खां के रामपुर में 52 फीसदी तक बिजली चोरी में ही चली जाती है। यादव परिवार के ही अन्य गढ़ संभल, मैनपुरी और कन्नौज में भी जमकर बिजली चोरी की जाती है इन तीनों जिलों में 60 फीसदी बिजली चोरी की जाती है। वहीं वेस्ट यूपी में बिजली चोरी का आंकड़ा 30 फीसदी के करीब है।