{"_id":"67518bf0718fa0c06006fb89","slug":"climate-of-delhi-ncr-started-improving-supreme-court-allowed-relaxation-in-grape-4-2024-12-05","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"SC: सुधरी दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा, सुप्रीम कोर्ट ने हटाया ग्रैप-4, अब ग्रैप-2 और 3 के प्रावधान होंगे लागू","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SC: सुधरी दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा, सुप्रीम कोर्ट ने हटाया ग्रैप-4, अब ग्रैप-2 और 3 के प्रावधान होंगे लागू
Thu, 05 Dec 2024 04:48 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Thu, 05 Dec 2024 04:48 PM IST
सार
Delhi NCR AQI: राजधानी में हवा की दिशा बदलने और गति तेज होने से वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है। लोगों ने लंबे समय बाद इस श्रेणी की हवा में सांस ली है। इससे आसमान भी बिल्कुल साफ रहा। जिससे लोगों को प्रदूषित हवा से लगभग दो महीने बाद राहत मिली है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पिछले कई महीने से खतरनाक स्तर पर चल रही दिल्ली एनसीआर की आबोहवा सुधरने लगी है। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में लागू किए गए ग्रैप 4 को हटाने की अनुमति दी है। सुप्रीम कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) से कहा कि वह ग्रैप 2 लागू करे। साथ ही इसमें ग्रैप 3 में कुछ उपायों को जोड़ने पर भी विचार करे। 18 नवंबर को शीर्ष अदालत ने सभी दिल्ली-एनसीआर राज्यों को प्रदूषण विरोधी GRAP 4 प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने के लिए तुरंत टीमें गठित करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने साफ किया था कि प्रतिबंध अगले आदेश तक जारी रहेंगे।
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सीएक्यूएम को ग्रैप चरण-दो प्रतिबंधों में ग्रैप-तीन के कुछ अतिरिक्त उपाय शामिल करने का सुझाव दिया। पीठ ने बताया कि यदि वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 अंक को पार कर गया तो चरण तीन प्रतिबंध लागू किए जाएंगे और यदि एक्यूआई 400 को पार कर गया तो चरण-चार प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। शीर्ष अदालत ने कहा कि पिछले चार दिन में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एक्यूआई का स्तर 300 से अधिक नहीं हुआ है।
विज्ञापन
अब कैसी है दिल्ली एनसीआर की आबोहवा
राजधानी में हवा की दिशा बदलने और गति तेज होने से वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है। लोगों ने लंबे समय बाद इस श्रेणी की हवा में सांस ली है। इससे आसमान भी बिल्कुल साफ रहा। जिससे लोगों को प्रदूषित हवा से लगभग दो महीने बाद राहत मिली है। बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 178 रहा, जोकि मध्यम श्रेणी में है। यह मंगलवार के मुकाबले 100 सूचकांक की कम है। इससे पहले 10 अक्तूबर को एक्यूआई 164 दर्ज किया गया था। इसके बाद सर्दी के दस्तक देने के साथ ही हवा की स्थिति बिगड़ती गई।
जानिए एक्यूआई का मानक
एक्यूआई 0-50 के बीच 'अच्छा', 51-100 के बीच 'संतोषजनक', 101-200 के बीच 'मध्यम', 201-300 के बीच 'खराब', 301-400 के बीच 'बहुत खराब' और 401-500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।
विज्ञापन
Supreme Court asks CAQM not to relax restrictions below GRAP stage II. Supreme Court tells CAQM to also consider adding certain measures under GRAPs stage III.
— ANI (@ANI) December 5, 2024विज्ञापन
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने सीएक्यूएम को ग्रैप चरण-दो प्रतिबंधों में ग्रैप-तीन के कुछ अतिरिक्त उपाय शामिल करने का सुझाव दिया। पीठ ने बताया कि यदि वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 अंक को पार कर गया तो चरण तीन प्रतिबंध लागू किए जाएंगे और यदि एक्यूआई 400 को पार कर गया तो चरण-चार प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। शीर्ष अदालत ने कहा कि पिछले चार दिन में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एक्यूआई का स्तर 300 से अधिक नहीं हुआ है।
विज्ञापन
अब कैसी है दिल्ली एनसीआर की आबोहवा
राजधानी में हवा की दिशा बदलने और गति तेज होने से वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है। लोगों ने लंबे समय बाद इस श्रेणी की हवा में सांस ली है। इससे आसमान भी बिल्कुल साफ रहा। जिससे लोगों को प्रदूषित हवा से लगभग दो महीने बाद राहत मिली है। बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 178 रहा, जोकि मध्यम श्रेणी में है। यह मंगलवार के मुकाबले 100 सूचकांक की कम है। इससे पहले 10 अक्तूबर को एक्यूआई 164 दर्ज किया गया था। इसके बाद सर्दी के दस्तक देने के साथ ही हवा की स्थिति बिगड़ती गई।
जानिए एक्यूआई का मानक
एक्यूआई 0-50 के बीच 'अच्छा', 51-100 के बीच 'संतोषजनक', 101-200 के बीच 'मध्यम', 201-300 के बीच 'खराब', 301-400 के बीच 'बहुत खराब' और 401-500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।
दिल्ली की सुधरी हवा
- फोटो : ANI
क्या है ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान?
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) को पहली बार 2017 में लागू किया गया था। इसके जरिए स्थिति की गंभीरता के हिसाब से राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण-रोधी उपायों को लागू किया जाता है।
ग्रैप के तहत वायु गुणवत्ता के चार अलग-अलग चरण
चरण-1: खराब (AQI 201-300)
चरण- 2: बहुत खराब (AQI 301-400)
चरण-3: गंभीर (AQI 401-450)
चरण- 4: गंभीर प्लस (AQI 450 से ऊपर)
यह प्रतिबंध किए गए थे लागू
ग्रैप 4 के तहत कई प्रतिबंध लागू किए गए थे। इसमें आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले या स्वच्छ ईंधन (एलएनजी/सीएनजी/बीएस-VI डीजल/इलेक्ट्रिक) का उपयोग करने वाले ट्रकों को छोड़कर किसी भी ट्रक को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), सीएनजी वाहनों और बीएस-VI डीजल वाले वाहनों को छोड़कर दिल्ली के बाहर पंजीकृत हल्के वाणिज्यिक वाहन भी प्रतिबंध के दायरे में थे। राजमार्ग, सड़क, पुल और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं सहित सभी निर्माण गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) को पहली बार 2017 में लागू किया गया था। इसके जरिए स्थिति की गंभीरता के हिसाब से राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण-रोधी उपायों को लागू किया जाता है।
ग्रैप के तहत वायु गुणवत्ता के चार अलग-अलग चरण
चरण-1: खराब (AQI 201-300)
चरण- 2: बहुत खराब (AQI 301-400)
चरण-3: गंभीर (AQI 401-450)
चरण- 4: गंभीर प्लस (AQI 450 से ऊपर)
यह प्रतिबंध किए गए थे लागू
ग्रैप 4 के तहत कई प्रतिबंध लागू किए गए थे। इसमें आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले या स्वच्छ ईंधन (एलएनजी/सीएनजी/बीएस-VI डीजल/इलेक्ट्रिक) का उपयोग करने वाले ट्रकों को छोड़कर किसी भी ट्रक को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), सीएनजी वाहनों और बीएस-VI डीजल वाले वाहनों को छोड़कर दिल्ली के बाहर पंजीकृत हल्के वाणिज्यिक वाहन भी प्रतिबंध के दायरे में थे। राजमार्ग, सड़क, पुल और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं सहित सभी निर्माण गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।